आरबीआई की सूची में लखनऊ और कानपुर के लिए नौ, 11 और 24 नवंबर दर्ज हैं। नई दिल्ली की पंक्ति में 24 नवंबर है। रविवार और दूसरे तथा चौथे शनिवार की छुट्टियां इनके अतिरिक्त हैं।
आरबीआई के कैलेंडर में नवंबर 2026 चुनने पर मुंबई के लिए 10 और 24 नवंबर, पटना के लिए 16 नवंबर और रांची के लिए 16 तथा 24 नवंबर दिखते हैं। 16 तारीख के विवरण में छठ और प्रातः अर्घ्य का उल्लेख है। यह देशभर में उस दिन बैंक बंद रहने की घोषणा नहीं है।
इस नवंबर रविवार एक, आठ, 15, 22 और 29 तारीख को हैं। दूसरा शनिवार 14 और चौथा 28 नवंबर है। इन साप्ताहिक छुट्टियों और क्षेत्रवार सूची को जोड़ने पर लखनऊ तथा कानपुर के लिए दस, नई दिल्ली के लिए आठ अलग तारीखें बनती हैं। गणना में एक तारीख दो बार नहीं जोड़ी गई है।
हरियाणा में कार्यालय और बैंक की सूची अलग
गुरुग्राम के लिए हरियाणा सरकार की 16 दिसंबर 2025 की अधिसूचना देखें। तीसरे शेड्यूल में निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स अधिनियम के तहत नौ नवंबर को विश्वकर्मा दिवस और 24 नवंबर को गुरु नानक देव जयंती दर्ज हैं। यह पहले से घोषित वार्षिक सूची है, आज लिया गया नया फैसला नहीं।
उसी दस्तावेज का पहला शेड्यूल सरकारी कार्यालयों के लिए सभी शनिवार और रविवार दर्ज करता है। इसे बैंकों पर हर शनिवार की छुट्टी का नियम मानना गलत होगा। तीसरे शेड्यूल और बैंक के साप्ताहिक अवकाश नियम का आधार अलग है। कार्यालय की बंदी देखकर बैंक की बंदी तय नहीं की जा सकती।
दूसरे शेड्यूल में कर्मचारियों, आउटसोर्स कर्मचारियों सहित, को सूची से तीन प्रतिबंधित अवकाश चुनने की अनुमति है। उसमें नौ नवंबर गोवर्धन पूजा और 15 नवंबर छठ पूजा दर्ज हैं। प्रतिबंधित अवकाश को पूरे राज्य के सभी बैंक बंद होने की घोषणा न समझें। धार्मिक समय की अलग जानकारी हमारी दिवाली मुहूर्त रिपोर्ट और धनतेरस की रिपोर्ट में है। पूजा का समय और सरकारी छुट्टी की श्रेणी अलग जरूरतों के लिए हैं।
शाखा बंद होने पर एनईएफटी का क्या होता है
आरबीआई के एनईएफटी संबंधी सवाल-जवाब, दो सितंबर 2024 तक अद्यतन, बताते हैं कि यह व्यवस्था साल के सभी दिन चौबीसों घंटे उपलब्ध है। प्रक्रिया आधे घंटे के बैच में चलती है। बैंक छुट्टी को ऑनलाइन एनईएफटी बंद होने का समानार्थी न मानें। बैंक की दी हुई इंटरनेट या मोबाइल बैंकिंग सुविधा से अनुरोध भेजा जा सकता है।
आरबीआई ने एनईएफटी रकम की अपनी कोई ऊपरी सीमा नहीं रखी है, लेकिन बैंक अपनी सीमा लगा सकता है। ऑनलाइन एनईएफटी करने वाले बचत खाताधारक से शुल्क नहीं लिया जाना है। शाखा जाकर किया गया अनुरोध उसी ऑनलाइन श्रेणी का लेनदेन नहीं है। बैंक की सुविधा और लागू सीमा पहले जांचें।
बैच का निपटान होने के बाद दो घंटे के भीतर लाभार्थी खाते में रकम पहुंचने की समयसीमा बताई गई है। इसे बटन दबाते ही तुरंत पैसा पहुंचने की गारंटी न समझें। देरी या रकम नहीं पहुंचने पर अपने बैंक के ग्राहक सुविधा केंद्र से स्थिति पूछी जा सकती है। लेनदेन संदर्भ संख्या, तारीख और रकम जैसी जानकारी खोजने में मदद करती है।
आरटीजीएस में न्यूनतम रकम और जांच
आरटीजीएस के सवाल-जवाब, 14 अक्टूबर 2026 तक अद्यतन, के अनुसार यह व्यवस्था भी सभी दिन चौबीसों घंटे उपलब्ध है। इसमें प्रत्येक हस्तांतरण अलग निपटता है। न्यूनतम रकम दो लाख रुपये है और आरबीआई की कोई अधिकतम सीमा नहीं है। ऑनलाइन उपयोग बैंक द्वारा दी जा रही सुविधा पर निर्भर करता है।
भेजने और प्राप्त करने वाली शाखाएं आरटीजीएस नेटवर्क में होनी चाहिए। भुगतान संदेश मिलने के बाद लाभार्थी बैंक को तीस मिनट के भीतर खाते में रकम जमा करनी होती है। आरबीआई इसे सामान्य परिस्थितियों में प्राप्त संदेश के संदर्भ में बताता है। बैंक की छुट्टी की सूची किसी खास लेनदेन के सफल होने का प्रमाण नहीं है।
गलत खाते में रकम जाने से बचने के लिए विवरण जांचें। आरबीआई के अनुसार आरटीजीएस में क्रेडिट दिए गए खाता नंबर के आधार पर होता है। लाभार्थी के खाते का नाम पहले जांचने की मुफ्त सुविधा भी बताई गई है। निपटान के बाद भुगतान अंतिम और वापस न लिया जा सकने वाला है। इसलिए नाम, खाता और शाखा की जानकारी का मिलान भुगतान भेजने से पहले करें।








