26 अक्टूबर 2026 के सुबह वाले सत्र में आईबीजेए का 999 शुद्धता वाली चांदी का भाव ₹1,95,050 प्रति किलोग्राम है। इसे ग्राम में बदलें तो ₹195.05 और 10 ग्राम के लिए ₹1,950.50 बनते हैं। ये धातु के बेंचमार्क भाव हैं, किसी दुकान पर तैयार सिक्के, पायल या पूजा की वस्तु का अंतिम बिल नहीं। धनतेरस से पहले कीमत समझने के लिए दर के साथ वजन, शुद्धता और अलग शुल्क देखना जरूरी है।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन का आधिकारिक दर पृष्ठ 26 अक्टूबर 2026 को 15:01 बजे भारतीय मानक समय पर जांचा गया। सुबह का भाव उपलब्ध था और शाम का कॉलम खाली था। प्रकाशन का सटीक मिनट पृष्ठ पर नहीं दिया गया है; ऊपर दर्ज समय पृष्ठ पढ़ने का है। ये 26 अक्टूबर के आंकड़े हैं, नवंबर या धनतेरस के दिन की अग्रिम दर नहीं।
| वजन | 999 चांदी का आधार मूल्य | हिसाब का आधार |
|---|---|---|
| 1 किलोग्राम | ₹1,95,050 | आईबीजेए का 26 अक्टूबर का सुबह का भाव |
| 100 ग्राम | ₹19,505 | प्रति किलो भाव का दसवां हिस्सा |
| 10 ग्राम | ₹1,950.50 | प्रति किलो भाव का सौवां हिस्सा |
| 1 ग्राम | ₹195.05 | प्रति किलो भाव को 1,000 से भाग दिया |
चांदी का भाव प्रति ग्राम कैसे निकालें?
सूत्र है: धातु का आधार मूल्य = प्रति किलोग्राम भाव × वजन ग्राम में ÷ 1,000। मसलन, 100 ग्राम के लिए ₹1,95,050 × 100 ÷ 1,000 = ₹19,505। तालिका की छोटी इकाइयों का हिसाब इसी सूत्र से किया गया है। इन्हें अलग से जारी खुदरा कोटेशन न समझें।
वजन की इकाई छूटने पर तुलना गलत हो सकती है। किसी जगह 10 ग्राम का भाव और दूसरी जगह एक किलो का भाव लिखा हो, तो केवल बड़ी रकम देखकर महंगा या सस्ता कहना अर्थहीन होगा। पहले दोनों को एक इकाई में बदलें और यह भी मिलाएं कि दोनों भाव एक ही शुद्धता और तारीख के हैं।
जीएसटी और मेकिंग चार्ज जोड़ने पर क्या बदलता है?
आईबीजेए स्पष्ट करता है कि उसके भाव में 3 प्रतिशत जीएसटी और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं हैं। केवल गणित समझने के लिए ₹19,505 पर 3 प्रतिशत निकालें: ₹19,505 × 0.03 = ₹585.15। इस तरह धातु के मूल्य और इस कर का जोड़ ₹20,090.15 होगा। इस उदाहरण में मेकिंग, अन्य शुल्क और उन पर लागू कर शामिल नहीं हैं, इसलिए इसे तैयार वस्तु का अंतिम बिल न मानें।
वाराणसी, गुरुग्राम या किसी अन्य शहर में ज्वेलर का अंतिम कोटेशन बेंचमार्क से अलग हो सकता है। मेकिंग चार्ज, विक्रेता का प्रीमियम और जहां लागू हों वहां स्थानीय कर या शुल्क इसमें अंतर ला सकते हैं। शहर बदलने का अर्थ यह नहीं कि यहां दिखाया गया 3 प्रतिशत जीएसटी अपने आप बदल गया। लिखित बिल में हर मद और उस पर लागू कर अलग समझें।
आधिकारिक पृष्ठ पर इन शहरों की अलग चांदी दरें नहीं मिलीं, इसलिए शहरवार कीमतों की तालिका देना उचित नहीं होगा। एक ही वजन की दो वस्तुओं में कारीगरी और शुद्धता अलग हो, तो उनके कुल बिल की सीधी तुलना भी पूरी तस्वीर नहीं बताती।
999 चांदी और हॉलमार्क वाले सामान में क्या देखें?
इस लेख का बेंचमार्क 999 शुद्धता के लिए है। हर चांदी की वस्तु इसी ग्रेड की हो, यह मानकर हिसाब न लगाएं। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की 4 दिसंबर 2025 की जानकारी में चांदी के सात ग्रेड, 800, 835, 925, 958, 970, 990 और 999, दिए गए हैं। उसी जानकारी में चांदी की हॉलमार्किंग योजना को स्वैच्छिक, लेकिन हॉलमार्क किए जाने वाले सामान पर एचयूआईडी को अनिवार्य बताया गया है।
एचयूआईडी छह अक्षरों और अंकों वाला पहचान कोड है। मंत्रालय के अनुसार बीआईएस केयर ऐप में इसे भरकर वस्तु की शुद्धता, उसका प्रकार, ज्वेलर और जांच केंद्र की जानकारी देखी जा सकती है। केवल कीमत की पर्ची देखकर शुद्धता की पुष्टि नहीं होती।
भारतीय मानक ब्यूरो की उपभोक्ता जानकारी के मुताबिक हॉलमार्क वाले सामान के बिल में वस्तु का विवरण, कीमती धातु का शुद्ध वजन, शुद्धता और हॉलमार्किंग शुल्क होने चाहिए। हॉलमार्किंग शुल्क और मेकिंग चार्ज अलग मद हैं। बिल संभालना शिकायत या विवाद की स्थिति में भी काम आता है।
धनतेरस के लिए इस दर का इस्तेमाल कैसे करें?
इस उदाहरण से बिल का ढांचा समझें। जिस दिन वस्तु का मूल्य तय हो, उस दिन का आधिकारिक भाव, उसका सत्र और विक्रेता का लिखित कोटेशन फिर मिलाएं। अक्टूबर के भाव को नवंबर की खरीद पर स्थिर मानने का आधार नहीं है। यहां कीमत बढ़ने या घटने का अनुमान नहीं दिया गया है।
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