डीमैट अकाउंट वह खाता है जिसमें आपकी प्रतिभूतियां इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखी जाती हैं। शेयर बाजार में खरीदने या बेचने का आदेश ट्रेडिंग खाते से जाता है और पैसे देने या लेने के लिए बैंक खाता इस्तेमाल होता है। सेबी की निवेशक वेबसाइट इन तीनों की भूमिका अलग बताती है। एक ही सेवा प्रदाता के यहां जुड़ी सुविधाएं मिलने पर भी इन खातों का काम एक नहीं हो जाता।
| खाता | मुख्य काम |
|---|---|
| डीमैट | प्रतिभूतियों को इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखना |
| ट्रेडिंग | स्टॉक एक्सचेंज पर खरीद और बिक्री का कारोबार करना |
| बैंक | कारोबार के लिए पैसे देना या प्राप्त करना |
डीमैट खाता और डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट क्या हैं?
सेबी के आधिकारिक परिचय के मुताबिक डीमैट खाता किसी मान्यता प्राप्त डिपॉजिटरी के सेबी पंजीकृत डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट के पास होता है। डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट को संक्षेप में डीपी कहा जाता है। वह डिपॉजिटरी के एजेंट के रूप में काम करता है। इसलिए खाता खोलते समय केवल सेवा का व्यापारिक नाम जानना पर्याप्त नहीं है, संबंधित पंजीकृत संस्था की पहचान भी समझें।
इस परिचय में नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड और सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड को भारत की दो डिपॉजिटरी बताया गया है। इन्हें एनएसडीएल और सीडीएसएल के नाम से भी जाना जाता है। डिपॉजिटरी, उसके पार्टिसिपेंट और स्टॉक ब्रोकर का नाम एक ही समझ लेने से खाता संबंधी कागज पढ़ने में भ्रम पैदा हो सकता है।
डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट में अंतर क्या है?
ट्रेडिंग या ब्रोकिंग खाता मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज के सेबी पंजीकृत स्टॉक ब्रोकर के पास खोला जाता है। उसका उद्देश्य एक्सचेंज पर प्रतिभूतियों की खरीद और बिक्री करना है। डीमैट खाते की भूमिका प्रतिभूतियों को रखने और उनके हस्तांतरण से संबंधित है। बैंक खाते में कारोबार के लिए आने और जाने वाली धनराशि रहती है।
एक काल्पनिक उदाहरण लें। किसी व्यक्ति ने एक्सचेंज पर शेयर खरीदने का आदेश दिया। आदेश की प्रक्रिया ट्रेडिंग खाते से जुड़ी है, उसके भुगतान की धनराशि बैंक खाते से संबंधित है और खरीदी गई प्रतिभूतियों को इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखने का काम डीमैट खाते का है। यह केवल खातों की भूमिका समझाने वाला उदाहरण है, किसी शेयर को खरीदने की सिफारिश नहीं है।
इसी वजह से बैंक में उपलब्ध राशि, ब्रोकर के खाते का विवरण और डीमैट में दिखाई देने वाली होल्डिंग अलग चीजें हैं। किसी एक स्क्रीन पर कुल रकम दिखाई देने से उसका पूरा हिस्सा बैंक जमा नहीं बन जाता। खाते का विवरण पढ़ते समय पहले पहचानें कि दस्तावेज पैसे का हिसाब बता रहा है, कारोबार के आदेश का या प्रतिभूतियों की होल्डिंग का।
डीमैट खाता खोलते समय क्या पढ़ना चाहिए?
सेबी के स्टॉक ब्रोकर प्रश्नोत्तर में खाता खोलने के फॉर्म के दो हिस्से समझाए गए हैं। पहले में बुनियादी केवाईसी जानकारी होती है और दूसरे में ब्रोकर की गतिविधि से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी। पहचान और पते के प्रमाण इस प्रक्रिया का हिस्सा हैं। यह प्रश्नोत्तर पुराने अद्यतन का दस्तावेज है, इसलिए यहां उससे स्थिर बुनियादी परिभाषाएं ली गई हैं, मौजूदा शुल्क या बदलते निपटान नियम नहीं।
आवेदन से पहले पंजीकरण की जानकारी सेबी और संबंधित स्टॉक एक्सचेंज की वेबसाइट पर जांची जा सकती है। उसी प्रश्नोत्तर में ग्राहक को शुल्क सूची देने की बात भी है। इसलिए खाता खुलने का शुल्क देखकर ही कुल लागत न मानें। सेवा की शुल्क सूची और दस्तावेजों में बताए गए लागू शुल्क पढ़ना जरूरी है। इस लेख में किसी प्रदाता का निश्चित शुल्क नहीं दिया गया है।
खाते से संबंधित जानकारी और कारोबार सीखने के लिए सेबी की निवेशक शिक्षा सूची में केवाईसी प्रक्रिया, ट्रेडिंग और डीमैट खाते खोलने तथा डिपॉजिटरी सेवाओं की अलग सामग्री उपलब्ध है। सामान्य परिचय से आगे बढ़ते समय उसी विषय की सामग्री चुनें। खाता खुलने से बाजार में नुकसान की संभावना समाप्त नहीं होती और यह परिचय किसी निवेश पर निश्चित नतीजे का दावा नहीं करता।
दूसरे वित्तीय विषयों के लिए हमारी बैंक जमा बीमा की व्याख्या, क्रेडिट कार्ड न्यूनतम भुगतान गाइड और एफडी ब्याज गणना गाइड पढ़ें। बैंक जमा और प्रतिभूतियों को अलग समझने में इन प्रक्रियाओं की जानकारी उपयोगी है।







