आईटीआर ऑनलाइन भरने के लिए आयकर विभाग के ई फाइलिंग पोर्टल पर लॉग इन करें, सही आकलन वर्ष और अपने लिए लागू रिटर्न चुनें, आय तथा कर भुगतान की जानकारी जांचें और रिटर्न जमा करने के बाद उसका वेरिफिकेशन पूरा करें। केवल फॉर्म जमा हो जाना प्रक्रिया का अंत नहीं है। विभाग के मैनुअल के अनुसार बाद में वेरिफिकेशन का विकल्प लेने पर इसे फाइलिंग के 30 दिन के भीतर पूरा करना होता है।
| काम | क्या जांचें |
|---|---|
| फॉर्म चुनना | आईटीआर 1 की पात्रता आपकी आय पर लागू है या नहीं |
| आकलन वर्ष | जिस आय वर्ष का रिटर्न है, उसी का सही आकलन वर्ष चुनें |
| रिफंड | कम से कम एक बैंक खाता पहले वैलिडेट करें |
| वेरिफिकेशन | बाद में करने पर फाइलिंग से 30 दिन की सीमा |
आईटीआर 1 किसे भरना चाहिए?
विभाग का रिटर्न पात्रता पृष्ठ आईटीआर 1 को सामान्य निवासी व्यक्ति के लिए बताता है, जिसकी निर्धारित स्रोतों से कुल आय 50 लाख रुपये तक है। इनमें वेतन या पेंशन, एक मकान की आय और ब्याज जैसे अन्य स्रोत शामिल हैं। कृषि आय की सीमा 5,000 रुपये है। धारा 112ए के तहत दीर्घकालीन पूंजीगत लाभ के लिए पृष्ठ पर 1.25 लाख रुपये की सीमा भी दी गई है।
इन सीमाओं को अकेले देखकर फॉर्म न चुनें। कंपनी के निदेशक, वर्ष में गैर सूचीबद्ध इक्विटी शेयर रखने वाले व्यक्ति, अल्पकालीन पूंजीगत लाभ वाले व्यक्ति और विदेश में संपत्ति या आय रखने वाले व्यक्ति के लिए पृष्ठ पर अलग प्रतिबंध हैं। व्यवसाय या पेशे की आय का विवरण भी दूसरे लागू फॉर्म में जा सकता है। इसलिए पहले पूरी पात्रता पढ़ें, फिर फॉर्म तय करें।
ऑनलाइन आईटीआर भरने के चरण क्या हैं?
आईटीआर 1 के आधिकारिक ऑनलाइन मैनुअल के अनुसार सक्रिय पैन, पोर्टल पर पंजीकृत खाता और वेरिफिकेशन के लिए मान्य संपर्क विवरण जरूरी हैं। रिफंड के लिए बैंक खाता पहले वैलिडेट रखें। आय और कटे हुए कर के दस्तावेज सामने होने से पहले से भरी जानकारी का मिलान आसान होता है।
- लॉग इन करने के बाद e-File, Income Tax Returns, File Income Tax Return का रास्ता चुनें।
- सही Assessment Year चुनकर Online मोड में आगे बढ़ें। पुराना अधूरा ड्राफ्ट हो तो Resume Filing और नया रिटर्न शुरू करना हो तो Start New Filing चुनें।
- अपनी करदाता श्रेणी और लागू आईटीआर चुनें। जरूरी दस्तावेजों की सूची तथा रिटर्न भरने का कारण पढ़ें।
- व्यक्तिगत विवरण, कुल आय, कटौतियों, जमा कर और कुल कर देनदारी वाले हिस्सों को जांचकर पुष्टि करें।
- कर देय हो तो भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर वापस रिटर्न पर आएं। फिर प्रीव्यू, घोषणा और वैलिडेशन पूरा करें।
- त्रुटियां दिखें तो उन्हें सुधारें। उसके बाद Proceed to Verification में उपलब्ध माध्यम से वेरिफिकेशन करें।
मैनुअल में कुछ उदाहरण पुराने आकलन वर्षों के हैं। उन्हें देखकर वही वर्ष चुन लेना गलत होगा। 28 अक्टूबर 2026 को पढ़े गए वर्तमान पोर्टल पर आकलन वर्ष 2026-27 के आईटीआर 1 से 7 ऑनलाइन और ऑफलाइन उपलब्ध बताए गए हैं। अपने वास्तविक आय वर्ष के अनुरूप विकल्प ही चुनें। इस लेख का चित्र भी पुराने मैनुअल का उदाहरण है।
आईटीआर की आखिरी तारीख और वेरिफिकेशन में क्या फर्क है?
फाइलिंग की अंतिम तारीख करदाता की श्रेणी पर निर्भर करती है। 28 सितंबर 2026 के परिपत्र 07/2026 ने धारा 139(1) की संबंधित तालिका की क्रम संख्या 2 में बताए गए व्यक्तियों की आकलन वर्ष 2026-27 की रिटर्न तारीख 31 अक्टूबर से 21 नवंबर 2026 की है। संबंधित ऑडिट रिपोर्ट की तारीख 21 अक्टूबर की गई थी। इसे हर वेतनभोगी व्यक्ति को मिली सामान्य छूट समझना सही नहीं होगा।
वेरिफिकेशन की 30 दिन की अवधि अलग है। मैनुअल कहता है कि तय अवधि के बाद वेरिफिकेशन होने पर उसकी तारीख फाइलिंग की तारीख मानी जा सकती है और देर से रिटर्न भरने के परिणाम लागू हो सकते हैं। सफल ई वेरिफिकेशन पर मिलने वाला ट्रांजैक्शन आईडी और एक्नॉलेजमेंट नंबर संभालकर रखें।
पैसों की दूसरी प्रक्रियाएं समझने के लिए हमारी एफडी ब्याज की गणना, बैंक जमा बीमा और क्रेडिट कार्ड के न्यूनतम भुगतान की व्याख्याएं भी पढ़ सकते हैं।






