वाराणसी: काशी तमिल संगमम 5.0 की तैयारियों को लेकर मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को लंका स्थित बीएचयू में हुई बैठक में विशेष रेल व्यवस्था, प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के समन्वय पर चर्चा हुई। शिक्षा मंत्रालय की 4 नवंबर की नई जानकारी के मुताबिक अधिकारियों ने नमो घाट सहित आयोजन स्थलों की तैयारी भी देखी। संगमम का पोर्टल खुलने की खबर dalimss.news पर पहले दी गई थी; अब स्थानीय व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई है।
शहर के स्कूलों, कॉलेजों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में रुचि रखने वाले लोगों के लिए नई जानकारी यह है कि तमिलनाडु से लगभग 1,400 प्रतिभागियों के आने की योजना है। इसके अलावा 50 शिक्षक उत्तर प्रदेश के स्कूलों और कॉलेजों में तिरुक्कुरल पढ़ाने आएंगे। मंत्रालय ने आयोजन की अवधि 28 नवंबर से 12 दिसंबर 2026 बताई है।
स्थानीय लोग किसी सत्र में शामिल होने की योजना बनाने से पहले उसका अंतिम समय, स्थल और प्रवेश व्यवस्था देख लें। नई विज्ञप्ति में सार्वजनिक सत्रों की रोज की समयसारिणी, टिकट या प्रवेश पास की शर्तें नहीं दी गई हैं। इसी तरह नमो घाट के निरीक्षण का अर्थ यह नहीं है कि हर कार्यक्रम वहीं होगा या शहर के लिए कोई यातायात बदलाव लागू हो गया है।
बैठक और निरीक्षण में क्या देखा गया
उच्च शिक्षा विभाग की सचिव दीप्ति गौर मुखर्जी ने बैठक की अध्यक्षता की। इसमें बीएचयू के कुलपति प्रोफेसर अजित कुमार चतुर्वेदी, उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष और केंद्र, राज्य, जिला प्रशासन तथा रेलवे के अधिकारी शामिल हुए। मंत्रालय ने यह जानकारी बुधवार, 4 नवंबर को रात 8:06 बजे जारी की।
शिक्षा मंत्रालय की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार चर्चा में विभागों और जिला प्रशासन के बीच समन्वय, रेल यात्राओं की विशेष व्यवस्था, बुनियादी सुविधाएं, प्रदर्शनी, भ्रमण और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल थे। रेल यात्रा से जुड़े प्रबंध भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम के जरिए किए जाने पर भी बातचीत हुई।
मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने आयोजन से जुड़े मुख्य और अन्य स्थलों का दौरा किया। नमो घाट भी निरीक्षण में शामिल था। विज्ञप्ति इसे संचालन की तैयारियों की जांच बताती है। इसमें किसी नए निर्माण का उद्घाटन, रेल सेवा की समयसारिणी या आम यात्रियों के लिए बुकिंग शुरू होने की घोषणा नहीं है।
कितने लोग आएंगे और यात्रा कैसे होगी
लगभग 1,400 प्रतिभागियों को करीब 200 लोगों के सात समूहों में व्यवस्थित करने की योजना है। हर समूह की यात्रा आठ दिन की होगी। इनमें चार दिन आने और लौटने की यात्रा तथा चार दिन भ्रमण और तय कार्यक्रमों के लिए रखे गए हैं। यह अवधि पूरे संगमम की घोषित अवधि से अलग है।
यात्रा में वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या शामिल हैं। कार्यक्रमों में सांस्कृतिक और शैक्षणिक संवाद के साथ अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े आयोजन और धार्मिक स्थलों का भ्रमण भी रहेगा। मंत्रालय ने समूहों की अलग-अलग आगमन तिथियां और रेलगाड़ियों का विवरण इस विज्ञप्ति में नहीं दिया है, इसलिए आठ दिन की योजना को किसी निश्चित ट्रेन की सूचना मानकर यात्रा तय नहीं की जा सकती।
इस संस्करण का विषय ‘तिरुक्कुरल अभ्यास करें’ रखा गया है। इसका उद्देश्य तमिल के प्राचीन ग्रंथ तिरुक्कुरल के नैतिक और जीवन से जुड़े विचारों को युवाओं तथा विद्यार्थियों तक पहुंचाना है। तमिलनाडु से आने वाले 50 शिक्षकों का काम उत्तर प्रदेश के स्कूलों और कॉलेजों में इसी ग्रंथ को पढ़ाने से जुड़ा होगा। संबंधित संस्थानों की सूची अभी इस विज्ञप्ति में नहीं है।
- तैयारी बैठक: बीएचयू, 3 नवंबर 2026।
- नई आधिकारिक जानकारी: 4 नवंबर, रात 8:06 बजे।
- संगमम की अवधि: 28 नवंबर से 12 दिसंबर।
- यात्रा करने वाले प्रतिभागी: लगभग 1,400, सात समूह।
- प्रत्येक समूह की यात्रा: आठ दिन, जिसमें चार दिन कार्यक्रमों के लिए।
- शिक्षण के लिए आने वाले शिक्षक: 50।
विद्यार्थी कार्यक्रम में भागीदारी अलग है
संगमम के साथ देशभर के 1,000 उच्च शिक्षण संस्थानों के जरिए विद्यार्थी सहभागिता कार्यक्रम भी चलेगा। इसे तमिलनाडु से आने वाले लगभग 1,400 यात्रियों की योजना से अलग समझना जरूरी है। विद्यार्थी कार्यक्रम में पढ़ाई, शोध और अपने संस्थान में गतिविधियां शामिल हैं। केवल उसका पंजीकरण देखकर वाराणसी यात्रा या प्रतिनिधिमंडल में जगह मिलने का अनुमान नहीं लगाएं।
इस कार्यक्रम का समन्वय चेन्नई का केंद्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान कर रहा है। डिजिटल सामग्री, प्रकाशन और शिक्षण संस्थानों से संपर्क उसकी जिम्मेदारी में हैं। तमिलनाडु की ओर से आईआईटी मद्रास और काशी की ओर से बीएचयू समन्वय करने वाले प्रमुख संस्थान हैं।
छात्र कार्यक्रम की पृष्ठभूमि में आधिकारिक पोर्टल का संशोधित परिपत्र संस्थानों के पंजीकरण की अंतिम तारीख 15 नवंबर बताता है। यह परिपत्र 31 अक्टूबर के पत्र पर आधारित है और पोर्टल पर 1 नवंबर को रखा गया था। उसके अनुसार 16 और 17 नवंबर को संस्थानों का चयन होगा, 19 नवंबर तक विद्यार्थियों का मूल्यांकन और 20 नवंबर को चयनित विद्यार्थी का नाम भेजा जाएगा।
भाग लेने वाले संस्थानों और नामित विद्यार्थियों को उद्घाटन तथा समापन कार्यक्रम में ऑनलाइन जुड़ना है। शोध और लेखन की अवधि 15 दिसंबर से 14 जनवरी 2027 रखी गई है। पात्र चयनित विद्यार्थी के लिए 10,000 रुपये की सहायता निर्धारित कार्य पूरे होने और सत्यापन के बाद मिलेगी। पंजीकरण अपने आप चयन नहीं है।
स्थानीय लोग आगे की जानकारी कहां देखें
स्कूल और कॉलेज विद्यार्थी कार्यक्रम की जानकारी आधिकारिक पोर्टल से मिलाएं। आम दर्शक स्थानीय सांस्कृतिक सत्रों और प्रवेश की अलग सूचना का इंतजार करें। फिलहाल नई खबर तैयारी बैठक और स्थल निरीक्षण की है। इसी शहर के दूसरे सांस्कृतिक आयोजनों की पृष्ठभूमि के लिए बीएचयू के दीक्षितर स्मारक सिक्का कार्यक्रम और विश्व संगोष्ठी के सत्रों की पिछली खबरें पढ़ सकते हैं। वे अलग आयोजन हैं।







