वोटर आईडी में नाम, जन्मतिथि, फोटो या दूसरी दर्ज जानकारी सुधारने के लिए पहले से पंजीकृत मतदाता फॉर्म 8 का इस्तेमाल कर सकते हैं। यही फॉर्म पता बदलने, बिना विवरण बदले नया मतदाता पहचान पत्र लेने और दिव्यांग मतदाता के रूप में चिह्नित कराने के लिए भी है। आवेदन का उद्देश्य चुनना जरूरी है, क्योंकि एक फॉर्म में इन चार उद्देश्यों में से किसी एक पर निशान लगाने का निर्देश है।
भारत निर्वाचन आयोग का फॉर्म 8 और उसके साथ दिए दिशानिर्देश दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। इनमें सुधार के लिए अधिकतम चार विवरण चुनने की सीमा और दावे के समर्थन में स्वप्रमाणित दस्तावेज लगाने की बात है। यह मौजूदा मतदाता प्रविष्टि ठीक करने की प्रक्रिया है, पहली बार नाम जुड़वाने का आवेदन नहीं।
| जरूरत | फॉर्म 8 में संबंधित विकल्प |
|---|---|
| नाम या जन्मतिथि की गलती | मौजूदा प्रविष्टियों में सुधार |
| नए घर में रहने लगे हैं | निवास स्थानांतरण |
| कार्ड खो गया या खराब है | बिना सुधार के प्रतिस्थापन |
| दिव्यांग मतदाता की पहचान दर्ज करानी है | दिव्यांगजन के रूप में चिह्नांकन |
वोटर आईडी सुधार के लिए फॉर्म 8 कौन भर सकता है?
आयोग के आधिकारिक फॉर्म और दिशानिर्देश के अनुसार पंजीकृत मतदाता इसका आवेदन कर सकता है। शुरुआत में आवेदक का नाम, मतदाता पहचान पत्र संख्या और उपलब्ध संपर्क विवरण मांगे गए हैं। पहचान पत्र संख्या को ईपीआईसी संख्या कहा जाता है। पहले यह देख लें कि आपकी मांग सूची में मौजूद जानकारी सुधारने की है या निवास बदलने की।
नाम पहले से दर्ज नहीं है तो फॉर्म 8 को नए नामांकन का विकल्प न समझें। दिल्ली के आधिकारिक प्रपत्र पृष्ठ पर नए मतदाता के लिए फॉर्म 6 अलग दिया गया है। नामांकन, सुधार और कार्ड डाउनलोड अलग सेवाएं हैं। सही सेवा चुनने से आवेदन का उद्देश्य स्पष्ट रहता है।
फॉर्म 8 में कौन सी जानकारी सुधारी जा सकती है?
सुधार वाले भाग में नाम, लिंग, जन्मतिथि या आयु, संबंध का प्रकार, संबंधित व्यक्ति का नाम, पता, संपर्क संख्या और फोटो के विकल्प हैं। फॉर्म में अधिकतम चार प्रविष्टियां सुधारने की सीमा लिखी है। जिन विवरणों को बदलना है उनके सामने निशान लगाएं और सही जानकारी के लिए दी गई जगह भरें।
हर सुधार के समर्थन में दस्तावेज की स्वप्रमाणित प्रति लगानी है। संलग्न दस्तावेज का नाम भी आवेदन में लिखना है। उदाहरण के लिए, नाम के सुधार की मांग और उसके समर्थन में लगाया गया प्रमाण एक ही सही विवरण दिखाएं। केवल गलती बताने से दस्तावेज की जरूरत समाप्त नहीं होती।
फोटो बदलने पर हाल का पासपोर्ट आकार का रंगीन फोटो चाहिए। दिशानिर्देश में आकार 4.5 सेंटीमीटर गुणा 3.5 सेंटीमीटर, सफेद पृष्ठभूमि और पूरा चेहरा सामने से दिखने की शर्त है। फोटो पर हस्ताक्षर नहीं होने चाहिए। यह शर्त फोटो बदलने वाले आवेदन के लिए है, हर सुधार में नया फोटो लगाने का सामान्य निर्देश नहीं।
पता बदलने के लिए कौन से दस्तावेज लगते हैं?
निवास स्थानांतरण का आवेदन उस निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को देना है जहां नया पता स्थित है। फॉर्म में मकान संख्या, गली या क्षेत्र, नगर या गांव, डाकघर, पिन कोड, तहसील, जिला और राज्य का विवरण मांगा गया है। नया पता पूरा भरें, ताकि प्रमाण और आवेदन में फर्क न रहे।
सूचीबद्ध प्रमाणों में उस पते का कम से कम एक वर्ष का पानी, बिजली या गैस कनेक्शन बिल, आधार कार्ड, राष्ट्रीयकृत या अनुसूचित बैंक अथवा डाकघर की वर्तमान पासबुक और भारतीय पासपोर्ट शामिल हैं। राजस्व विभाग का भूमि स्वामित्व रिकॉर्ड, पंजीकृत किराया पट्टा और अपने घर का पंजीकृत विक्रय विलेख भी सूची में हैं। इनमें से संबंधित प्रमाण चुनकर उसकी स्वप्रमाणित प्रति लगाएं।
फॉर्म के अनुसार प्रमाण आवेदक या माता, पिता, जीवनसाथी अथवा वयस्क संतान के नाम का हो सकता है, जहां संबंधित पारिवारिक सदस्य उसी पते पर मतदाता के रूप में पहले से दर्ज हो। सूची वाला प्रमाण न होने पर अन्य दस्तावेज का नाम लिखने की जगह भी है। ऐसे मामले में उसकी स्वीकार्यता संबंधित अधिकारी से स्पष्ट कर लें।
वोटर आईडी सुधार ऑनलाइन कैसे करें और स्थिति कैसे देखें?
मुख्य निर्वाचन अधिकारी, दिल्ली के आधिकारिक पृष्ठ पर ऑनलाइन आवेदन और आवेदन की स्थिति देखने के लिए मतदाता सेवा पोर्टल का लिंक है। पोर्टल पर फॉर्म 8 की संबंधित सेवा चुनें और वहां दिखाई गई मौजूदा प्रक्रिया के अनुसार विवरण तथा प्रमाण दें। आवेदन जमा करने से पहले चुने गए उद्देश्य और सही विवरण दोबारा पढ़ें।
आवेदन की पावती संख्या सुरक्षित रखें। आधिकारिक कागजी फॉर्म में भी पावती का भाग है और हिंदी संस्करण बताता है कि इस संख्या से स्थिति जांची जा सकती है। दस्तावेज भेजना और आवेदन मंजूर होना अलग चरण हैं। सुधार स्वीकार होने पर जारी पहचान पत्र और मतदाता सूची की प्रविष्टि में सही विवरण की पुष्टि करें।
आधार संख्या न होने पर फॉर्म में इसके लिए अलग घोषणा का विकल्प है। इसलिए आधार संख्या वाला खाना देखकर अपने आवेदन के बारे में अनुमान न लगाएं। उपलब्ध आधिकारिक विकल्प के अनुसार सही जानकारी दें। दिल्ली के आधिकारिक पृष्ठ पर सहायता नंबर 1950 भी प्रदर्शित है; आवेदन या स्थानीय अधिकारी से जुड़ी समस्या में इसका उपयोग किया जा सकता है।
कार्ड खो गया हो तो क्या करें, और आखिरी तारीख क्या है?
बिना विवरण बदले प्रतिस्थापन के लिए फॉर्म में खोने, प्राकृतिक आपदा जैसे कारण से नष्ट होने और खराब होने के विकल्प हैं। खोए कार्ड के मामले में प्राथमिकी या पुलिस रिपोर्ट की प्रति मांगी गई है। खराब या पुराना कार्ड लौटाने तथा बाद में खोया कार्ड मिल जाने पर उसे वापस करने का प्रावधान भी पढ़ें।
जांचे गए फॉर्म और दिशानिर्देश पूरे देश के लिए कोई एक अंतिम तारीख या निश्चित निपटान अवधि नहीं देते। यह मार्गदर्शिका 5 नवंबर 2026 को उपलब्ध दस्तावेजों पर आधारित है, किसी नई सार्वदेशिक समयसीमा की घोषणा नहीं। स्थानीय पुनरीक्षण कार्यक्रम की तारीख अपने मुख्य निर्वाचन अधिकारी या निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी से जांचें। गलत घोषणा न करें, क्योंकि फॉर्म में इसकी कानूनी जवाबदेही दी गई है।
संबंधित जानकारी के लिए ईपीआईसी डाउनलोड की प्रक्रिया और मतदाता सूची में नाम देखने की मार्गदर्शिका पढ़ सकते हैं। आधार के विवरण में अलग सुधार कराया है तो उसकी स्थिति के लिए आधार सुधार की स्थिति वाला लेख उपलब्ध है। आधार का सुधार अपने आप मतदाता सूची सुधारने का आवेदन नहीं बनता।








