वाराणसी: आईआईटी बीएचयू ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को मेटलर्जिकल विभाग के वर्कशॉप, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय और शौचालयों में बिजली की वायरिंग तथा रोशनी से जुड़े काम के लिए निविदा प्रकाशित की है। बीएचयू परिसर में प्रस्तावित इस काम की अनुमानित लागत 27,01,326 रुपये है। पात्र ठेकेदार 13 नवंबर को शाम चार बजे तक ऑनलाइन बोली जमा कर सकते हैं। सभी समय भारतीय मानक समय के अनुसार हैं।

विभाग के इन हिस्सों का इस्तेमाल करने वाले विद्यार्थियों और कर्मचारियों के लिए यह परिसर की विद्युत व्यवस्था से जुड़ा प्रस्ताव है। स्थानीय विद्युत ठेकेदारों के लिए इसमें भाग लेने का अवसर है, लेकिन पहले पात्रता और दस्तावेजों की शर्तें मिलाना जरूरी होगा। निविदा जारी होने को काम शुरू होने या ठेका दे दिए जाने की सूचना नहीं समझना चाहिए।

आवेदन करने वाले संस्थान की निविदा सूची से पूरा दस्तावेज डाउनलोड करें और अंतिम तारीख तक होने वाले संशोधन देखते रहें। दस्तावेज में काम पूरा करने की अवधि 120 दिन रखी गई है। इसे 30 अक्टूबर से गिनकर परिसर में काम खत्म होने की तारीख बताना सही नहीं होगा, क्योंकि अभी प्रक्रिया बोली आमंत्रित करने के चरण में है।

किन जगहों पर होना है काम

संस्थान के आधिकारिक निविदा दस्तावेज में मेटलर्जिकल विभाग के वर्कशॉप क्षेत्र, लैब, लाइब्रेरी और बाथरूम शामिल हैं। काम के दायरे में बिजली की स्थापना, वायरिंग, रोशनी, पावर पॉइंट तथा लाइट और पंखे के पॉइंट बताए गए हैं। यह पूरे शहर की विद्युत आपूर्ति का काम नहीं, संस्थान के एक विभाग की व्यवस्था से संबंधित निविदा है।

दस्तावेज की लागत सारणी में 27,01,326 रुपये का अनुमान है। बोली लगाने वाले को 54,500 रुपये की बयाना राशि की शर्त भी देखनी होगी। निविदा प्रसंस्करण शुल्क शून्य बताया गया है। शुल्क शून्य होने का अर्थ यह नहीं है कि बयाना राशि की शर्त भी समाप्त हो गई है। दोनों बातें अलग हैं और दस्तावेज में अलग दर्ज हैं।

जरूरी बातदस्तावेज में विवरण
प्रकाशन30 अक्टूबर 2026, शाम चार बजे
बोली जमा करने की अंतिम तारीख13 नवंबर 2026, शाम चार बजे
बोली खोलने का निर्धारित समय16 नवंबर 2026, शाम चार बजे
अनुमानित लागत27,01,326 रुपये
बयाना राशि54,500 रुपये
काम पूरा करने की अवधि120 दिन

ठेकेदारों को क्या करना चाहिए

बोली दो कवर में मांगी गई है। पहले कवर में पात्रता संबंधी सामग्री और दूसरे में वित्तीय बोली होगी। बयाना राशि रजिस्ट्रार, आईआईटी बीएचयू के नाम वाराणसी में देय डिमांड ड्राफ्ट या सावधि जमा रसीद के रूप में मांगी गई है। इसकी स्कैन प्रति पहले कवर में अपलोड करने और मूल प्रति पात्रता दस्तावेजों के साथ देने की शर्त पढ़ लें।

आमंत्रण में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग और केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के पात्र ठेकेदारों तथा विक्रेताओं का उल्लेख है। केंद्रीय विश्वविद्यालयों, दूसरे आईआईटी, एनआईटी और आईआईएम में काम करने वाले ठेकेदारों के साथ रेलवे, सैन्य अभियंता सेवाओं और उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग में सूचीबद्ध ठेकेदारों को भी भागीदारी की पात्र श्रेणियों में रखा गया है। हर आवेदक को पूरे दस्तावेज में दी गई संबंधित शर्तें पूरी करनी होंगी।

ऑनलाइन प्रक्रिया के लिए केंद्रीय सार्वजनिक खरीद पोर्टल पर इलेक्ट्रॉनिक बोली और वैध डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र की जरूरत बताई गई है। वित्तीय बोली निर्धारित बिल ऑफ क्वांटिटी प्रारूप में देनी होगी। निर्देशों के अनुसार निर्धारित प्रारूप बदलने पर बोली खारिज हो सकती है। इसलिए रकम भरने से पहले उसी निविदा की सही फाइल और उसके निर्देश पहचान लें।

पोर्टल पर समय से पहले दस्तावेज अपलोड करना आवेदक की जिम्मेदारी है। सफल जमा के बाद बोली संख्या, तारीख और समय वाला सारांश दिखाई देने की व्यवस्था बताई गई है। केवल फाइल तैयार कर लेने को बोली जमा होना न मानें। अंतिम समय का आधार पोर्टल पर प्रदर्शित सर्वर समय होगा।

आगे कौन सी तारीख पर नजर रखें

आईआईटी बीएचयू की निविदा सूची भी 30 अक्टूबर की अपलोड तारीख और 13 नवंबर की अंतिम तारीख दिखाती है। बोली खोलने के लिए 16 नवंबर को शाम चार बजे का समय रखा गया है। निविदा की वैधता अवधि 180 दिन बताई गई है। प्रक्रिया के दौरान संशोधन आने पर आवेदकों को संशोधित शर्तों के अनुसार तैयारी करनी होगी।

दस्तावेज से जुड़े सवालों के लिए संस्थान के कार्य विभाग का पता और कार्यालय का ईमेल उसमें दिया गया है। ऑनलाइन बोली की प्रक्रिया संबंधी सहायता के लिए दस्तावेज में पोर्टल की हेल्पलाइन 1800 233 7315 दर्ज है। किसी सामान्य जानकारी के बजाय इसी काम की पहचान के साथ पूरा निविदा दस्तावेज देखना उपयोगी होगा।

परिसर और शहर की दूसरी सूचनाओं की पृष्ठभूमि के लिए दशाश्वमेध क्षेत्र के कॉलेज की भर्ती सूचना, समान अवसर प्रकोष्ठ की खबर और वाराणसी की जल और सीवर परियोजनाओं की खबर पढ़ सकते हैं। इनके काम, आवेदन और तारीखें इस विद्युत निविदा से अलग हैं।