कॉलेज या कौशल शिक्षा के छात्र एबीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर दिए तरीके के अनुसार अपने प्रमाणित डिजिलॉकर खाते से अपार आईडी बनाने की सेवा चुन सकते हैं। शिक्षा श्रेणी में संस्थान, प्रवेश वर्ष और रोल नंबर की जानकारी देकर अनुरोध जमा किया जाता है। एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स यानी एबीसी इसी अपार आईडी से छात्र के शैक्षिक क्रेडिट जोड़ता है। आईडी बनना और खाते में पढ़ाई के क्रेडिट दर्ज होना अलग प्रक्रियाएं हैं।
| नाम | भूमिका |
|---|---|
| एबीसी | शैक्षिक क्रेडिट का संग्रह, संचय और हस्तांतरण |
| अपार आईडी | विद्यार्थी की स्थायी शैक्षिक पहचान |
| डिजिलॉकर | प्रमाणित खाते से सेवा और कार्ड तक पहुंच |
| शिक्षण संस्थान | छात्र की आईडी से जुड़े सत्यापित क्रेडिट अपलोड करना |
एबीसी आईडी और अपार आईडी में क्या संबंध है?
एबीसी के आधिकारिक प्रश्नोत्तर के अनुसार अपार प्रत्येक विद्यार्थी की स्थायी पहचान है और एबीसी इसी पहचान का इस्तेमाल करके क्रेडिट का हिसाब रखता है। पोर्टल बताता है कि एबीसी की सेवाओं तक पहुंच के लिए अपार आईडी जरूरी है। इसलिए किसी कॉलेज के फॉर्म में एबीसी आईडी मांगे जाने पर पहले अपने मौजूदा शैक्षिक पहचान रिकॉर्ड को देखें और संस्थान की बताई जरूरत समझें।
एबीसी का पूरा नाम एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स है। यहां बैंक शब्द शैक्षिक उपलब्धियों के रिकॉर्ड के लिए इस्तेमाल होता है। यह रुपये रखने वाला बैंक खाता नहीं है। इसमें मान्यता प्राप्त संस्थानों से अर्जित क्रेडिट जमा और स्थानांतरित होते हैं। एबीसी खुद डिग्री, डिप्लोमा या प्रमाणपत्र जारी नहीं करता, अंतिम शैक्षिक उपाधि संबंधित अधिकृत संस्थान देता है।
डिजिलॉकर से एबीसी के लिए आईडी कैसे बनाएं?
एबीसी मुखपृष्ठ पर उच्च शिक्षा और कौशल शिक्षा के विद्यार्थियों के लिए अलग प्रक्रिया दी गई है। छात्र वाला प्रवेश विकल्प चुनें। स्कूल के बच्चे के लिए दी गई सहमति और स्कूल रिकॉर्ड वाली प्रक्रिया को कॉलेज छात्र की प्रक्रिया समझकर न अपनाएं। दोनों रास्ते मुखपृष्ठ पर अलग दिखाए गए हैं।
- अपने प्रमाणित डिजिलॉकर खाते में प्रवेश करें। खाता नहीं हो तो आधिकारिक सेवा पर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करें।
- शिक्षा श्रेणी में अपार आईडी बनाने की सेवा चुनें।
- अपने संस्थान, प्रवेश वर्ष और रोल नंबर का विवरण भरें। जानकारी कॉलेज के रिकॉर्ड से मिलाएं।
- अनुरोध जमा करें। कार्ड उपलब्ध होने पर डिजिलॉकर पोर्टल से उसे देखें या डाउनलोड करें।
यह क्रम पोर्टल के सार्वजनिक निर्देशों पर आधारित है। इसके लिए किसी निजी सेवा की जरूरत बताई नहीं गई है। इस लेख के लिए किसी खाते में प्रवेश नहीं किया गया। आवेदन भरते समय आधिकारिक सेवा पर दिखाई देने वाली जानकारी और अपने संस्थान के रिकॉर्ड का मिलान करें, क्योंकि गलत वर्ष या संस्थान चुनने से शैक्षिक रिकॉर्ड पहचानने में कठिनाई हो सकती है।
आईडी बन गई लेकिन क्रेडिट क्यों नहीं दिख रहे?
क्रेडिट का रिकॉर्ड संस्थान जमा करता है। आधिकारिक प्रश्नोत्तर साफ करता है कि संस्थान का पात्र होना ही पर्याप्त नहीं है। उसे एबीसी पर पंजीकरण भी पूरा करना होता है और विद्यार्थी की अपार आईडी से जुड़े सत्यापित क्रेडिट नियमित अपलोड करने होते हैं। इसलिए कार्ड डाउनलोड होने को सभी सेमेस्टर के क्रेडिट दर्ज होने का प्रमाण न मानें।
रिकॉर्ड नहीं दिखे तो पहले संस्थान का पंजीकरण और आपके विवरण का मिलान जांचें। एबीसी पोर्टल पर पंजीकृत संस्थानों की सूची देखने की सुविधा का उल्लेख है। कॉलेज के रिकॉर्ड में दर्ज आईडी तथा आपके कार्ड का विवरण अलग हो तो पहले उस अंतर को स्पष्ट करना उपयोगी होगा। केवल दोबारा कार्ड डाउनलोड करने से संस्थान की ओर से बाकी क्रेडिट अपलोड नहीं हो जाएंगे।
क्या एबीसी क्रेडिट हमेशा मान्य रहते हैं?
पोर्टल के अनुसार एबीसी शैक्षिक वर्ष 2021 से अर्जित क्रेडिट पर लागू है, बशर्ते वे एबीसी पंजीकृत संस्थान ने दिए हों। प्रश्नोत्तर क्रेडिट की अधिकतम वैधता सात वर्ष या संबंधित विषय द्वारा निर्धारित अवधि बताता है। इस्तेमाल हो चुके क्रेडिट दोबारा इस्तेमाल नहीं किए जा सकते। क्रेडिट हस्तांतरण संबंधित शैक्षिक नियमों के अनुसार होता है, इसलिए केवल आईडी होने को किसी दूसरे पाठ्यक्रम में स्वतः प्रवेश की गारंटी न समझें।
स्कूल रिकॉर्ड के संदर्भ के लिए हमारी यूपी बोर्ड के अपार और जन्मतिथि निर्देश की रिपोर्ट पढ़ें। दस्तावेज निकालने के दूसरे विषय पर सीबीएसई मार्कशीट की डिजिलॉकर प्रक्रिया उपलब्ध है। सहायता आवेदन से संबंधित जानकारी के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल की गाइड देखें। एबीसी का यह परिचय कॉलेज के शैक्षिक क्रेडिट और पहचान की प्रक्रिया तक सीमित है।







