नेचुरोपैथी और योग को पेशे के तौर पर पढ़ने की सोच रहे छात्रों के लिए पुणे के एक केंद्रीय संस्थान ने दाखिले खोल दिए हैं। आयुष मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान (NIN) ने बैचलर ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंसेज यानी BNYS के 2026-27 सत्र के लिए आवेदन मांगे हैं। कुल 100 सीटें हैं और ऑनलाइन आवेदन 19 अक्टूबर 2026 की शाम 5 बजे तक भरे जा सकते हैं।
मंत्रालय ने 7 अक्टूबर को इस दाखिला प्रक्रिया की जानकारी दी। आवेदन की खिड़की 29 सितंबर से खुली है और अब करीब 11 दिन बचे हैं। पढ़ाई संस्थान के निसर्ग ग्राम परिसर में होगी, जो पुणे के येवलेवाड़ी इलाके में है।
NIN एक स्वायत्त संस्था है। मंत्रालय के मुताबिक यह देश का पहला केंद्र सरकारी संस्थान है जो किसी केंद्रीय विश्वविद्यालय से संबद्ध होकर BNYS करा रहा है। यहां की डिग्री नई दिल्ली के श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय से जुड़ी है। संस्थान खुद को महात्मा गांधी की उस सोच से जोड़ता है जिसमें प्राकृतिक चिकित्सा और योग को इलाज, शिक्षा, प्रशिक्षण और शोध के जरिए आगे बढ़ाने की बात थी।
यह साढ़े पांच साल का पूर्णकालिक और आवासीय कोर्स है। पहले साढ़े चार साल कक्षा की पढ़ाई और क्लिनिकल प्रशिक्षण होगा। उसके बाद एक साल की अनिवार्य रोटेटरी रेजिडेंशियल इंटर्नशिप करनी होगी, जिसे CRRI कहा जाता है। ढांचा कुछ वैसा ही है जैसा MBBS या BAMS में होता है, जहां डिग्री पूरी होने से पहले छात्र अस्पताल में मरीजों के बीच काम सीखते हैं।
दाखिले के लिए 12वीं या समकक्ष परीक्षा भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान (PCB) और अंग्रेजी के साथ किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से पास होना जरूरी है। संस्थान ने जो योग्यता और मेडिकल फिटनेस की शर्तें तय की हैं, उन्हें भी पूरा करना होगा। जिन छात्रों ने NEET-UG 2026 की परीक्षा दी है, उन्हें प्राथमिकता मिलेगी। इसके बाद जो सीटें खाली बचेंगी, वे 12वीं में PCB के अंकों की मेरिट से भरी जाएंगी और आरक्षण के नियम लागू होंगे।
यह बात उत्तर प्रदेश और बिहार के उन छात्रों के काम की है जो इस समय मेडिकल काउंसलिंग के आखिरी दौर का इंतजार कर रहे हैं। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी का NEET-UG 2026 का स्ट्रे वैकेंसी राउंड 12 अक्टूबर से खुलना है। BNYS का आवेदन उसके बाद भी एक हफ्ते तक खुला रहेगा, इसलिए नेचुरोपैथी को विकल्प मानने वाले छात्र दोनों प्रक्रियाओं पर नजर रख सकते हैं।
आगे का कार्यक्रम भी तय है। अस्थायी मेरिट सूची 27 अक्टूबर को आएगी और अंतिम मेरिट व प्रतीक्षा सूची 30 अक्टूबर को। काउंसलिंग दो चरणों में होगी, पहले 12 और 13 नवंबर को, फिर 18 और 19 नवंबर को। कक्षाएं 30 नवंबर 2026 से शुरू होंगी। इस बार दिवाली 8 नवंबर को है, यानी काउंसलिंग का पहला चरण त्योहार के चार दिन बाद पड़ेगा। काउंसलिंग किस तरीके से होगी, यह प्रॉस्पेक्टस में देखना होगा। अगर पुणे जाना पड़े तो त्योहार और यात्रा की योजना इसी हिसाब से बनानी होगी।
निसर्ग ग्राम परिसर करीब 25 एकड़ में फैला है। मंत्रालय के मुताबिक यहां 250 बिस्तरों वाला प्राकृतिक चिकित्सा अस्पताल है, जहां छात्रों को क्लिनिकल अनुभव मिलेगा। परिसर में पढ़ाई और शोध की सुविधाएं हैं, लड़कों और लड़कियों के लिए अलग छात्रावास हैं, योग हॉल हैं और प्राकृतिक चिकित्सा के इलाज का आधुनिक ढांचा है। मंत्रालय इसे ऐसा परिसर बताता है जहां पढ़ाई, क्लिनिकल प्रशिक्षण, शोध और वेलनेस एक ही जगह पर होते हैं।
कोर्स आवासीय है, इसलिए उत्तर भारत के छात्रों को साढ़े पांच साल पुणे में रहकर पढ़ना होगा। फीस कितनी है, यह विज्ञप्ति में नहीं बताया गया है। विस्तृत प्रॉस्पेक्टस, फीस का ढांचा और आवेदन से जुड़ी पूरी जानकारी संस्थान की वेबसाइट ninpune.ayush.gov.in पर रखी गई है। आवेदन से पहले वहां आरक्षण और मेडिकल फिटनेस की शर्तें ठीक से पढ़ लेना बेहतर रहेगा।
किसी उलझन में छात्र संस्थान की दाखिला हेल्पलाइन +91 7965220180 और 9511693564 पर फोन कर सकते हैं। ईमेल के लिए admission@bnysnin.in पता दिया गया है। ध्यान रहे कि आवेदन की आखिरी घड़ी 19 अक्टूबर की शाम 5 बजे है, रात 12 बजे नहीं।





