प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में पात्र महिला को पहले बच्चे के लिए कुल 5,000 रुपये और दूसरा बच्चा बेटी होने पर 6,000 रुपये की सहायता मिल सकती है। पंजीकरण आधिकारिक पीएमएमवीवाई पोर्टल पर स्वयं या आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ता की मदद से किया जा सकता है। पैसा पात्रता, गर्भावस्था के पंजीकरण, स्वास्थ्य जांच, जन्म पंजीकरण और टीकाकरण जैसी शर्तों के सत्यापन के बाद मिलता है। यह हर गर्भवती महिला के लिए अपने आप मंजूर होने वाला भुगतान नहीं है।

मातृ वंदना योजना में सहायता और आवेदन
विषयनियम
पहला बच्चा3,000 और 2,000 रुपये की दो किस्तें
दूसरा बच्चा बेटी हो6,000 रुपये की एक किस्त
सामान्य पंजीकरण सीमाबच्चे के जन्म से 270 दिन तक, अन्य शर्तों के अधीन
दूसरी बेटी का मामलागर्भावस्था के दौरान पंजीकरण की शर्त भी लागू
मदद1515, सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक

मातृ वंदना योजना में कौन पात्र है?

यह महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की मातृत्व सहायता योजना है। इसका उद्देश्य प्रसव से पहले और बाद में आराम के लिए मजदूरी के नुकसान की आंशिक भरपाई तथा स्वास्थ्य सेवाएं लेने को प्रोत्साहित करना है। 6 फरवरी 2026 की आधिकारिक पीआईबी विज्ञप्ति भी पहले बच्चे के लिए 5,000 रुपये और दूसरी संतान बेटी होने पर 6,000 रुपये की राशि की पुष्टि करती है।

पात्रता सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित वर्गों की महिलाओं के लिए निर्धारित है। आधिकारिक सूची में अनुसूचित जाति या जनजाति की महिलाएं, कम से कम 40 प्रतिशत दिव्यांगता वाली महिलाएं, बीपीएल राशन कार्डधारक और आयुष्मान भारत पीएम जन आरोग्य योजना की लाभार्थी शामिल हैं। ई श्रम कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, पीएम किसान लाभार्थी होने या राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का राशन कार्ड रखने वाली महिलाएं भी सूची में हैं।

परिवार की शुद्ध वार्षिक आय आठ लाख रुपये से कम होना पात्रता के रास्तों में से एक है। गर्भवती या स्तनपान कराने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और आशा कार्यकर्ता भी सूची में शामिल हैं। इन सभी श्रेणियों के प्रमाण एक साथ देना जरूरी नहीं; अपने मामले में लागू पात्रता का प्रमाण देना होता है। पोर्टल जन्म के समय न्यूनतम उम्र 18 वर्ष सात महीने और ऊपरी सीमा 55 वर्ष से कम बताता है।

नियमित सरकारी या सार्वजनिक क्षेत्र की नौकरी तथा कानून के तहत समान मातृत्व लाभ पाने से जुड़ी अपात्रता भी जांचें। केवल आय का प्रमाण या राशन कार्ड होने से हर दूसरी शर्त समाप्त नहीं होती। महिला की उम्र, बच्चे का क्रम और पहले मिले लाभ के विवरण को आवेदन में सही दर्ज कराना जरूरी है।

5,000 रुपये और 6,000 रुपये कब मिलते हैं?

पहले बच्चे के लिए पहली किस्त 3,000 रुपये और दूसरी 2,000 रुपये है। आवेदन पोर्टल के मौजूदा प्रश्नोत्तर में पहली किस्त के लिए गर्भावस्था पंजीकरण और कम से कम दो प्रसव पूर्व जांच लिखी हैं, जिन्हें अंतिम मासिक धर्म की तारीख से छह महीने के भीतर कराने को प्राथमिकता दी गई है। दूसरी किस्त के लिए जन्म पंजीकरण और 14 सप्ताह तक का पहला टीकाकरण चक्र पूरा होने की शर्त है।

दूसरी संतान बेटी होने पर 6,000 रुपये एक किस्त में दिए जाने का प्रावधान है। इसके लिए भी गर्भावस्था पंजीकरण, कम से कम दो प्रसव पूर्व जांच, जन्म पंजीकरण और निर्धारित टीकाकरण का विवरण जरूरी है। मंत्रालय स्पष्ट करता है कि दूसरी संतान के लाभ के लिए गर्भावस्था के दौरान पंजीकरण अनिवार्य है। इसलिए जन्म के बाद की सामान्य समयसीमा देखकर गर्भावस्था का पंजीकरण टालना सही नहीं होगा।

जांच की संख्या पर आधिकारिक पृष्ठों में अंतर है: मंत्रालय के परिचय पृष्ठ में पहले बच्चे की पहली किस्त के लिए एक जांच भी लिखी है, जबकि आवेदन पोर्टल की तालिका दो बताती है। आवेदन करते समय आंगनवाड़ी या आशा कार्यकर्ता से पोर्टल पर लागू शर्त की पुष्टि कराएं। यहां किसी पुराने विवरण के आधार पर एक जांच को पर्याप्त मानकर भुगतान मिलने का दावा नहीं किया जा रहा है।

रजिस्ट्रेशन के लिए कौन से दस्तावेज रखें?

महिला का आधार, आधार से मैप किया गया बैंक या डाकघर खाता, संपर्क नंबर और पात्रता का प्रमाण तैयार रखें। मातृ एवं शिशु सुरक्षा कार्ड या आरसीएच कार्ड, अंतिम मासिक धर्म की तारीख और प्रसव पूर्व जांच की तारीखें भी मांगी जाती हैं। बच्चे के जन्म के बाद जन्म प्रमाणपत्र और टीकाकरण का रिकॉर्ड आवेदन के संबंधित चरण में काम आता है।

पति का आधार पीएमएमवीवाई 2.0 में अनिवार्य नहीं है। महिला का अपना आधार और भुगतान पाने वाला खाता महत्वपूर्ण हैं। नाम या खाते के विवरण में अंतर हो तो उसे दर्ज कराने से पहले जांच लें। आधार से खाता जुड़ा होने और आधार आधारित भुगतान के लिए उसकी मैपिंग की पुष्टि संबंधित बैंक या डाकघर से कराना उपयोगी है।

आधिकारिक पीएमएमवीवाई पोर्टल खोलकर नागरिक पंजीकरण का रास्ता चुना जा सकता है। ऑनलाइन फॉर्म भरने में कठिनाई हो तो अपने क्षेत्र की आंगनवाड़ी या आशा कार्यकर्ता से मदद लें। आवेदन संदर्भ सुरक्षित रखें और गर्भावस्था, जन्म तथा टीकाकरण के नए दस्तावेज संबंधित चरण पर दर्ज कराएं।

आवेदन की स्थिति, समयसीमा और बदली प्रक्रिया

सामान्य नियम के अनुसार जन्म से 270 दिन तक पंजीकरण किया जा सकता है, लेकिन पात्रता और किस्त की शर्तें अलग से पूरी होनी चाहिए। यह पूरे देश के लिए किसी एक कैलेंडर तारीख वाला आवेदन अभियान नहीं है। अपनी समयसीमा बच्चे की जन्मतिथि से समझें और दूसरी बेटी के मामले में गर्भावस्था पंजीकरण की अतिरिक्त शर्त याद रखें।

मंत्रालय के आधिकारिक विवरण के अनुसार नए नामांकन में 21 मई 2025 से चेहरे के जरिए पहचान सत्यापन अनिवार्य किया गया है। हेल्पलाइन 1515 अप्रैल 2025 में शुरू हुई और शिकायत दर्ज करने का पोर्टल विकल्प भी उपलब्ध है। ये पहले से लागू बदलाव हैं, इन्हें अक्टूबर 2026 में शुरू हुई नई योजना न समझें।

पोर्टल पर आवेदन की स्थिति देखने और शिकायत दर्ज करने के विकल्प हैं। 27 अक्टूबर 2026 को जांचे गए संपर्क पृष्ठ पर 1515 का समय सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे है। मंजूरी और भुगतान अलग चरण हैं; केवल फॉर्म जमा होने से रकम मिलने की निश्चित तारीख तय नहीं होती।

संबंधित जानकारी के लिए ई श्रम कार्ड के नियम, वाराणसी में बालिकाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य पर रिपोर्ट तथा राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल की गाइड पढ़ें। मातृ वंदना की पात्रता की अंतिम पुष्टि उसके अपने आधिकारिक पोर्टल पर करें।