गोवर्धन पूजा 2026 के लिए दृक पंचांग वाराणसी और गुरुग्राम, दोनों में मंगलवार, 10 नवंबर की तारीख देता है। वाराणसी में प्रातःकाल का मुहूर्त सुबह 6:11 से 8:23 बजे और गुरुग्राम में सुबह 6:40 से 8:50 बजे है। सभी समय भारतीय मानक समय में हैं। सरकारी अवकाश सूची में दिखने वाली 9 नवंबर की तारीख और यहां दिए पूजा मुहूर्त का उद्देश्य अलग है, इसलिए दोनों को साथ समझना जरूरी है।
यह मार्गदर्शक 26 अक्टूबर 2026 को पढ़े गए पंचांग पृष्ठों पर आधारित है। शहर बदलने पर मुहूर्त का आरंभ और अंत बदलता है। वाराणसी के परिवार गुरुग्राम की पंक्ति या गुरुग्राम के परिवार वाराणसी की पंक्ति को अपने घर का समय मानकर तैयारी न करें।
| शहर | पूजा की तारीख | प्रातःकाल मुहूर्त | अवधि |
|---|---|---|---|
| वाराणसी | 10 नवंबर 2026, मंगलवार | सुबह 6:11 से 8:23 बजे | 2 घंटे 12 मिनट |
| गुरुग्राम | 10 नवंबर 2026, मंगलवार | सुबह 6:40 से 8:50 बजे | 2 घंटे 10 मिनट |
गोवर्धन पूजा 2026 में प्रतिपदा कब शुरू होगी?
वाराणसी के पंचांग में प्रतिपदा तिथि का आरंभ 9 नवंबर 2026 को दोपहर 12:31 बजे और समापन 10 नवंबर को दोपहर 2:00 बजे दर्ज है। इसी पृष्ठ पर गोवर्धन पूजा की चुनी हुई तारीख 10 नवंबर है। तिथि शुरू होने के समय और त्योहार के लिए दिए मुहूर्त को अलग-अलग पढ़ें।
इसका व्यावहारिक मतलब यह है कि 9 नवंबर की दोपहर प्रतिपदा लगने की सूचना देखकर सुबह की पूजा उसी दिन तय नहीं की जा सकती। यहां तालिका में दिया गया प्रातःकाल मुहूर्त अगले दिन, 10 नवंबर का है। इसी तरह तिथि का पूरा समय पूजा के लिए बताई गई छोटी अवधि के बराबर नहीं है।
वाराणसी और गुरुग्राम के समय में कितना अंतर है?
गुरुग्राम के लिए पंचांग शहर का नाम गुड़गांव लिखता है। उस पृष्ठ का सुबह 6:40 बजे वाला आरंभ वाराणसी से 29 मिनट बाद है। अंत के समय में 27 मिनट का अंतर है। ये अंतर ऊपर के प्रकाशित समय से निकाले गए हैं, कोई अलग शुभ समय नहीं हैं।
दोनों शहरों के लिए घड़ी भारतीय मानक समय ही दिखाती है; इस तालिका के लिए समय क्षेत्र बदलने की जरूरत नहीं है। परिवार के सदस्य अलग शहरों में हों तो साझा संदेश में शहर का नाम भी लिखें। केवल सुबह का एक समय भेजने से यह साफ नहीं होता कि वह किस स्थान की गणना है।
कैलेंडर में 9 नवंबर, पंचांग में 10 नवंबर क्यों दिखता है?
प्रधान नियंत्रक संचार लेखा, दिल्ली के आधिकारिक अवकाश पृष्ठ पर दिल्ली और नई दिल्ली के केंद्रीय प्रशासनिक कार्यालयों की 2026 सूची में गोवर्धन पूजा सोमवार, 9 नवंबर को प्रतिबंधित अवकाश के अंतर्गत है। दूसरी ओर यहां इस्तेमाल किए गए दृक पंचांग के शहर पृष्ठ पूजा और उसका प्रातःकाल मुहूर्त 10 नवंबर को बताते हैं।
दोनों स्रोतों की यह वास्तविक भिन्नता है। कार्यालय की छुट्टी का दस्तावेज पूजा की स्थानीय गणना का विकल्प नहीं बनता। साथ ही दिल्ली के कार्यालयों की सूची से वाराणसी या गुरुग्राम के हर स्कूल, बैंक या निजी कार्यालय की छुट्टी घोषित नहीं होती। काम से अवकाश लेने के लिए अपने संस्थान का लागू कैलेंडर देखें; पूजा के लिए अपनी परंपरा और स्थान वाला पंचांग देखें।
गोवर्धन पूजा और अन्नकूट की तैयारी कैसे करें?
दृक पंचांग इस पर्व को भगवान कृष्ण और गोवर्धन से जुड़ी परंपरा के रूप में वर्णित करता है। अन्नकूट इसका प्रचलित नाम है। भोग तैयार करने में अनाज और पकवानों का महत्व बताया गया है। परिवार पहले तय कर सकता है कि पूजा घर पर करनी है या किसी मंदिर के आयोजन में शामिल होना है; मंदिर का कार्यक्रम घर के मुहूर्त से स्वतः तय नहीं हो जाता।
पंचांग की गोवर्धन पूजा विधि के अनुसार गोवर्धन पर्वत से दूर रहने वाले श्रद्धालु गोबर या पके अन्न से प्रतीक बनाते हैं। अन्न से बने स्वरूप को अन्नकूट कहा जाता है। विधि में फूल, धूप, दीप और नैवेद्य जैसे अर्पणों का उल्लेख है। सामग्री की मात्रा को हर घर के लिए एक अनिवार्य सूची नहीं बताया गया है।
उसी विधि पृष्ठ में क्षेत्रीय परंपराओं के अनुसार सुबह, दोपहर या शाम की पूजा का उल्लेख है। इसलिए इस लेख की सुबह वाली तालिका को सभी संप्रदायों और मंदिरों के लिए एकमात्र नियम न मानें। अगर घर में शाम की पूजा की परंपरा है, तो संबंधित स्थानीय पंचांग या मंदिर की अपनी सूचना से उस व्यवस्था की पुष्टि करें। यहां अलग शाम का मुहूर्त नहीं जोड़ा गया है।
तैयारी से पहले कौन सी तीन बातें मिलाएं?
पहले पृष्ठ पर वर्ष 2026 और अपना शहर देखें। फिर त्योहार की तारीख को प्रतिपदा के आरंभ तथा अंत से अलग पढ़ें। आखिर में परिवार के कार्यक्रम और काम की छुट्टी का मिलान करें। इससे पूजा की तारीख, सामग्री तैयार करने का दिन और कार्यालय से अवकाश लेने का दिन एक ही मान लेने की गलती से बचा जा सकता है।
त्योहारों की आगे की योजना के लिए 29 अक्टूबर का करवा चौथ मार्गदर्शक, 15 नवंबर की छठ पूजा और चार दिन के अनुष्ठान तथा वाराणसी की पतंग उत्सव परंपरा पर रिपोर्ट भी पढ़ सकते हैं।




