मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना उत्तर प्रदेश की बालिकाओं के लिए जन्म से आगे की पढ़ाई तक छह चरणों में सहायता देने वाली योजना है। पात्रता और प्रत्येक चरण की शर्तें पूरी होने पर इन राशियों का कुल योग 25,000 रुपये है। यह पूरी रकम एक साथ मिलने वाला भुगतान नहीं है। परिवार की सालाना आय अधिकतम तीन लाख रुपये और उत्तर प्रदेश में निवास जैसी शर्तें लागू होती हैं।
आवेदन से पहले बालिका की वर्तमान श्रेणी पहचानना सबसे उपयोगी कदम है। जन्म, टीकाकरण, पहली, छठी या नौवीं कक्षा में प्रवेश और आगे के पाठ्यक्रम में प्रवेश के प्रमाण अलग हैं। महिला कल्याण निदेशालय के आधिकारिक योजना पोर्टल पर लाभ और पात्रता पढ़ें। यहां दी गई जानकारी 28 अक्टूबर 2026 को जांची गई है। आवेदन स्वीकार होना और सहायता मंजूर होना संबंधित जांच पर निर्भर करता है।
कन्या सुमंगला योजना में कितने रुपये मिलते हैं?
| चरण | मुख्य शर्त | एकमुश्त सहायता |
|---|---|---|
| पहला | एक अप्रैल 2019 या उसके बाद जन्म | 5,000 रुपये |
| दूसरा | एक वर्ष के भीतर पूर्ण टीकाकरण, जन्म एक अप्रैल 2018 से पहले नहीं | 2,000 रुपये |
| तीसरा | चालू शैक्षणिक सत्र में पहली कक्षा में प्रवेश | 3,000 रुपये |
| चौथा | चालू सत्र में छठी कक्षा में प्रवेश | 3,000 रुपये |
| पांचवां | चालू सत्र में नौवीं कक्षा में प्रवेश | 5,000 रुपये |
| छठा | दसवीं या बारहवीं के बाद स्नातक अथवा कम से कम दो वर्ष के प्रमाणित डिप्लोमा में प्रवेश | 7,000 रुपये |
निदेशालय की नागरिक प्रक्रिया पुस्तिका इन संशोधित राशियों को एक अप्रैल 2024 से प्रभावी बताती है। इसलिए पुराने आंकड़े देखकर आवेदन की योजना न बनाएं। किसी बाद की कक्षा में पहुंचने का मतलब यह नहीं कि पिछले सभी चरणों की रकम अपने आप जोड़कर मिल जाएगी। अपनी मौजूदा श्रेणी और उससे संबंधित प्रमाण की जांच कराएं।
कन्या सुमंगला योजना की पात्रता क्या है?
परिवार उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए। पोर्टल निवास के प्रमाण के रूप में राशन कार्ड, आधार, मतदाता पहचान पत्र और बिजली या टेलीफोन बिल का उल्लेख करता है। परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। सामान्य नियम में परिवार के अधिकतम दो बच्चों और अधिकतम दो लाभार्थी बालिकाओं की सीमा है। आय की घोषणा और दस्तावेज में अंतर हो तो पहले उसे स्पष्ट कराएं।
जुड़वां बच्चों से संबंधित विशेष प्रावधान भी है। दूसरे प्रसव में जुड़वां बच्चे होने पर तीसरी संतान के रूप में बालिका को लाभ अनुमन्य हो सकता है। पहले प्रसव में एक बेटी और दूसरे प्रसव में दो जुड़वां बेटियां होने की स्थिति भी पोर्टल स्पष्ट करता है। अनाथ बालिका को विधिक रूप से गोद लेने पर जैविक और गोद ली गई संतानों को मिलाकर अधिकतम दो बालिकाओं का नियम लागू होता है। इन अपवादों में परिवार का पूरा विवरण देना जरूरी है।
आवेदन के लिए कौन से दस्तावेज तैयार रखें?
निवास का प्रमाण, बैंक खाते का विवरण और पासबुक की प्रति तैयार रखें। माता या पिता के जीवित न होने की संबंधित स्थिति में मृत्यु प्रमाण पत्र भी प्रक्रिया पुस्तिका में है। पहले चरण के लिए जन्म प्रमाण पत्र संख्या से इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन का उल्लेख है। बच्ची की हाल की फोटो तथा संबंधित चरण का प्रमाण अलग से चाहिए। टीकाकरण वाले चरण में टीकाकरण कार्ड और प्रवेश वाले चरण में संबंधित शैक्षणिक प्रमाण देखें।
सरकारी विद्यालय की पहली और छठी कक्षा के लिए पुस्तिका छात्र की विशिष्ट पहचान संख्या से सत्यापन बताती है। गैर सरकारी विद्यालय के लिए प्रवेश प्रमाण पत्र का उल्लेख है। नौवीं कक्षा के लिए प्रवेश प्रमाण और अंतिम चरण में दसवीं या बारहवीं की अंकतालिका, संस्थान की पहचान तथा डिग्री या डिप्लोमा की प्रवेश शुल्क रसीद मांगी जाती है। आधार संबंधी निर्देशों में पोर्टल की सूचना और प्रक्रिया पुस्तिका के चरणवार अपवाद साथ पढ़ें। वर्तमान फॉर्म में मांगा गया विवरण विभाग से स्पष्ट करा लें।
ऑनलाइन आवेदन, स्थिति और सहायता कहां देखें?
आधिकारिक पोर्टल का नागरिक आवेदन विकल्प खोलें और वहां उपलब्ध पंजीकरण निर्देश पढ़ें। आवेदक माता, पिता, अभिभावक या स्वयं बालिका होने के अनुसार सही विकल्प चुनें। प्रक्रिया पुस्तिका में स्वयं आवेदक वाली बालिका का आवेदन केवल छठे चरण के लिए बताया गया है। नाम, जन्म का विवरण, बैंक जानकारी और प्रमाण भरने के बाद मिली पहचान सुरक्षित रखें। उसी आधिकारिक नागरिक सेवा में अपने आवेदन का विवरण देखें। किसी अनजान भुगतान लिंक से स्थिति जांचने का प्रयास न करें।
पोर्टल पर अपनी लॉगिन पहचान खोजने का विकल्प और सहायता दस्तावेज उपलब्ध हैं। शासनादेश सूची में 20 अप्रैल 2026 से आय प्रमाण पत्र के एकीकरण संबंधी प्रविष्टि दिखाई गई है। आवेदन तैयार करते समय आय संबंधी वर्तमान निर्देश भी पढ़ें। देखे गए पन्नों से सभी चरणों के लिए कोई एक साझा अंतिम तारीख या सत्यापित सार्वजनिक हेल्पलाइन नंबर स्थापित नहीं हुआ। सहायता के लिए पोर्टल की संपर्क निर्देशिका या महिला कल्याण निदेशालय, आठवीं मंजिल, जवाहर भवन, अशोक मार्ग, लखनऊ का विवरण इस्तेमाल करें।
अन्य सरकारी सेवाओं के संदर्भ में राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल के नियम, उत्तर प्रदेश की पेंशन संबंधी रिपोर्ट और विद्यालयों में एनएसएस इकाइयों की जानकारी भी पढ़ सकते हैं। इन सेवाओं की पात्रता अलग है। कन्या सुमंगला का फैसला उसके अपने नियम और आधिकारिक जांच से होगा।








