पेंशनरों के डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनाने के लिए देशभर में एक से 30 नवंबर 2026 तक विशेष अभियान चलेगा। पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने शुक्रवार को बताया कि पांचवें राष्ट्रीय अभियान में 2,000 शहरों और जिलों को शामिल किया जाएगा। इसका लक्ष्य 2.30 करोड़ डिजिटल प्रमाण पत्र है, जिनमें 1.50 करोड़ चेहरे के प्रमाणीकरण से बनाने का लक्ष्य रखा गया है। ये अभियान के लक्ष्य हैं, जारी हो चुके प्रमाण पत्रों की संख्या नहीं।

30 अक्टूबर की आधिकारिक घोषणा के अनुसार 19 बैंक, 785 जिला डाकघर और 56 पेंशनर कल्याण संघ इसमें सहयोग करेंगे। रेलवे, ईपीएफओ, दूरसंचार विभाग, रक्षा लेखा महानियंत्रक और राज्य सरकारें भी जुड़ेंगी। तकनीकी सहायता इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा यूआईडीएआई देंगे।

शिविरों में जीवन प्रमाण के साथ स्वास्थ्य जांच और आधार अद्यतन जैसी सेवाएं देने की तैयारी है। जरूरतमंद पेंशनरों के लिए घर तक सेवा पहुंचाने और प्रमाण पत्र से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था भी घोषित की गई है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारी चुने हुए राज्यों में काम की समीक्षा करेंगे। अधिक पेंशनरों वाले क्षेत्रों में बड़े शिविर लगाए जाएंगे।

फोन से प्रमाण पत्र बनाने में क्या चाहिए

चेहरे के प्रमाणीकरण में फोन का कैमरा इस्तेमाल होता है, अलग फिंगरप्रिंट मशीन खरीदना जरूरी नहीं। जीवन प्रमाण के मौजूदा डाउनलोड पृष्ठ पर एंड्रॉयड फोन के लिए जीवन प्रमाण और आधार फेस आरडी ऐप, दोनों इंस्टॉल करने को कहा गया है। आईफोन पर भी दोनों ऐप ऐप स्टोर से लेने का निर्देश है। इसका मतलब केवल जीवन प्रमाण ऐप रख लेने से चेहरे की पहचान वाला पूरा सेटअप तैयार नहीं होता।

डाउनलोड पृष्ठ एंड्रॉयड 10 या उससे नए और आईओएस 14 या उससे नए संस्करण वाले, बिना रूट किए उपकरण बताता है। आईओएस में फिलहाल चेहरे का प्रमाणीकरण उपलब्ध है। एंड्रॉयड में जरूरत के मुताबिक बाहरी बायोमेट्रिक उपकरण भी इस्तेमाल किया जा सकता है। उंगली या आंख की पुतली से पहचान करने के लिए संबंधित उपकरण की आरडी सेवा चाहिए। विंडोज वाला रास्ता अलग है और उसमें बाहरी फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैनर की जरूरत बताई गई है।

आधिकारिक एंड्रॉयड निर्देश पुस्तिका प्रक्रिया को ऑपरेटर की पहचान और फिर पेंशनर की पहचान में बांटती है। ऑपरेटर पेंशनर खुद भी हो सकते हैं। शुरुआती उपकरण पंजीकरण और ऑपरेटर प्रमाणीकरण एक बार की प्रक्रिया है। उसके बाद पेंशनर की जानकारी, ओटीपी और पेंशन संबंधी विवरण वाले चरण आते हैं।

फॉर्म भरने के बाद प्रीव्यू में विवरण जांचने का मौका मिलता है। गलती दिखे तो पिछले पृष्ठ पर जाकर उसे सुधारें। पुस्तिका के मुताबिक सफल प्रमाणीकरण के बाद स्क्रीन पर संबंधित पीपीओ के लिए प्रमाण आईडी दिखाई देती है। दिए गए मोबाइल नंबर पर संदेश में प्रमाण आईडी और डाउनलोड लिंक भी मिलता है। एक से अधिक पीपीओ होने पर ऐप अन्य पेंशन के लिए प्रमाण पत्र बनाने का विकल्प देता है।

प्रमाण बनना और स्वीकार होना अलग बातें

जीवन प्रमाण के सवाल-जवाब के अनुसार आधार या वर्चुअल आईडी, नाम, मोबाइल नंबर, पीपीओ, पेंशन खाता और संबंधित बैंक तथा पेंशन प्राधिकरण की जानकारी चाहिए। गलत विवरण से प्रमाण पत्र खारिज हो सकता है। डिजिटल प्रमाण संबंधित पेंशन वितरण एजेंसी को इलेक्ट्रॉनिक रूप से उपलब्ध होता है, उसकी कागजी प्रति वहां जमा करना जरूरी नहीं।

स्वीकृति संबंधित पेंशन प्राधिकरण के अधीन रहती है। स्थिति जानने के लिए पोर्टल से प्रमाण पत्र डाउनलोड किया जा सकता है। खारिज होने का संदेश आए तो पेंशन वितरण एजेंसी से संपर्क करें। गलत जानकारी होने पर सही विवरण और प्रमाणीकरण के साथ नया प्रमाण बनाने की सलाह दी गई है।

डिजिटल जीवन प्रमाण जीवनभर वैध नहीं होता। वैधता पेंशन मंजूर करने वाले प्राधिकरण के नियमों पर निर्भर है। यह सुविधा जीवन प्रमाण जमा करने के मौजूदा तरीकों के अतिरिक्त है, उनका अनिवार्य विकल्प नहीं। दोबारा नौकरी करने या पुनर्विवाह वाले पेंशनरों के लिए FAQ पारंपरिक तरीके से संबंधित एजेंसी को प्रमाण देने को कहता है। पेंशन पर महंगाई राहत के फैसले की रिपोर्ट अलग से पढ़ी जा सकती है।

नजदीकी केंद्र की जानकारी कैसे मिलेगी

जीवन प्रमाण केंद्र खोजने का आधिकारिक पृष्ठ स्थान के प्रकार, राज्य, जिले या पिनकोड से खोज की सुविधा देता है। यह नियमित केंद्र खोजने का साधन है, नवंबर अभियान के हर विशेष शिविर की तारीख और स्थान की सूची नहीं। यात्रा तय करने से पहले संबंधित केंद्र से उपलब्ध सेवा और समय की पुष्टि उपयोगी होगी।

घोषणा में स्थानीय शिविरों का कैलेंडर नहीं है। बैंक जाने से पहले नवंबर की बैंक छुट्टियों की जानकारी भी देख लें।