हाथ धोने का सही तरीका है: साफ बहते पानी से हाथ गीले करें, साबुन लगाकर झाग बनाएं, कम से कम 20 सेकंड हाथ रगड़ें, पानी से अच्छी तरह धोएं और साफ तौलिए या एयर ड्रायर से सुखाएं। अमेरिका की स्वास्थ्य संस्था सीडीसी रोजमर्रा की सफाई के लिए यही पांच चरण बताती है। 20 सेकंड का समय हाथ रगड़ने के लिए है, पूरी प्रक्रिया को जल्दबाजी में इतने समय में खत्म करने के लिए नहीं।
हथेली पर थोड़ा साबुन लगाकर तुरंत पानी डाल देना इस तरीके को पूरा करना नहीं है। सीडीसी हाथों की पीठ, उंगलियों के बीच और नाखूनों के नीचे भी झाग पहुंचाने की बात कहती है। इसलिए हाथ धोते समय केवल सामने दिख रही हथेलियों पर ध्यान देने के बजाय उन जगहों को भी याद रखें जहां साबुन आसानी से छूट सकता है।
| चरण | क्या करना है |
|---|---|
| 1. गीला करना | साफ बहते पानी से हाथ गीले करके साबुन लगाएं |
| 2. झाग बनाना | हाथों की पीठ, उंगलियों के बीच और नाखूनों के नीचे झाग पहुंचाएं |
| 3. रगड़ना | कम से कम 20 सेकंड हाथ रगड़ें |
| 4. पानी से धोना | साफ बहते पानी में अच्छी तरह धोएं |
| 5. सुखाना | साफ तौलिया या एयर ड्रायर इस्तेमाल करें |
हाथ धोने के पांच चरण कैसे पूरे करें?
पहले हाथ साफ बहते पानी से गीले करें। सीडीसी के अनुसार पानी गर्म या ठंडा हो सकता है। इसके बाद नल बंद करके साबुन लगाएं। यहां मुख्य बात साफ बहता पानी और साबुन है। इस सामान्य मार्गदर्शन में रोज के हाथ धोने के लिए किसी खास तापमान या खास ब्रांड के साबुन की शर्त नहीं दी गई है।
दूसरे चरण में दोनों हाथों को आपस में रगड़कर साबुन का झाग बनाएं। हाथों की पीठ, उंगलियों के बीच की जगह और नाखूनों के नीचे झाग पहुंचाना भी इसी चरण का हिस्सा है। बच्चों को सिखाते समय इन हिस्सों की ओर अलग से ध्यान दिलाया जा सकता है, ताकि हाथ धोने को केवल हथेलियां मिलाने की क्रिया न समझा जाए।
तीसरे चरण में कम से कम 20 सेकंड रगड़ें। समय का अंदाजा लगाने के लिए शुरुआत में घड़ी देखकर अभ्यास कर सकते हैं। यह घर में तरीका समझने का एक व्यावहारिक सुझाव है। आधिकारिक संख्या रगड़ने के लिए न्यूनतम समय बताती है। पानी खोलने, साबुन लेने और हाथ सुखाने का समय जोड़कर 20 सेकंड पूरा मान लेना उसी बात के बराबर नहीं होगा।
चौथे चरण में साफ बहते पानी से हाथ अच्छी तरह धोएं। पांचवें चरण में साफ तौलिए या एयर ड्रायर से सुखाएं। सुखाना भी सीडीसी की पांच चरणों वाली सूची में शामिल है। घर में यह प्रक्रिया सिखाते समय शुरुआत से आखिर तक पूरा क्रम बताएं, ताकि धोने के बाद हाथ सुखाने वाला हिस्सा छूट न जाए।
किन मौकों पर हाथ धोना जरूरी है?
सीडीसी भोजन तैयार करने से पहले, तैयार करते समय और उसके बाद हाथ धोने की बात कहती है। खाने से पहले और बाद का समय भी उसकी सूची में है। भारतीय घरों में रसोई का काम और भोजन परोसना अक्सर एक साथ चलता है। इसलिए सिर्फ खाने की मेज पर बैठने से पहले हाथ धोना ही पूरी दिनचर्या का हिसाब नहीं है।
शौचालय इस्तेमाल करने के बाद, बच्चे का डायपर बदलने या शौच के बाद उसकी सफाई करने के बाद भी हाथ धोएं। नाक साफ करने, खांसने या छींकने के बाद हाथ धोना दूसरी अहम स्थिति है। पालतू जानवर, उनका खाना, पशु अपशिष्ट या कचरा छूने के बाद की सफाई भी आधिकारिक सूची में आती है।
घर में उल्टी या दस्त से बीमार व्यक्ति की देखभाल से पहले और बाद तथा किसी कटे या घायल हिस्से की देखभाल से पहले और बाद हाथ धोने की बात भी सीडीसी कहती है। यह सामान्य स्वच्छता का निर्देश है। इससे किसी बीमारी का कारण तय नहीं होता और न ही यह उपचार की सलाह देता है। बीमार व्यक्ति की देखभाल के लिए मिली चिकित्सा सलाह अलग से मानें।
पानी और साबुन न हो तो क्या करें?
डब्ल्यूएचओ और यूनिसेफ ने 15 अक्टूबर 2025 को घरों, स्कूलों और सार्वजनिक जगहों के लिए हाथों की सफाई संबंधी दिशानिर्देश जारी किए। उनकी आधिकारिक जानकारी में भी साधारण साबुन और पानी से दोनों हाथ अच्छी तरह रगड़ने पर जोर है। उसमें हाथ स्पष्ट रूप से गंदे न होने पर कम से कम 60 प्रतिशत अल्कोहल वाले हैंड रब को विकल्प बताया गया है।
साबुन और पानी तुरंत उपलब्ध न हों तो सीडीसी कम से कम 60 प्रतिशत अल्कोहल वाले हैंड सैनिटाइजर का विकल्प बताती है। अल्कोहल की मात्रा उत्पाद के लेबल पर जांची जा सकती है। यह किसी खास उत्पाद या ब्रांड की सिफारिश नहीं है। लेख में दी गई 60 प्रतिशत संख्या उसी आधिकारिक स्वच्छता मार्गदर्शन का हिस्सा है।
सीडीसी के अनुसार अधिकतर परिस्थितियों में साबुन और पानी से हाथ धोना कीटाणु हटाने का सबसे अच्छा तरीका है। इसलिए सैनिटाइजर की उपलब्धता के सवाल को हाथ धोने के पूरे तरीके से अलग समझें। सार्वजनिक जगह पर साबुन न मिलने की स्थिति और घर में साबुन व साफ पानी उपलब्ध होने की स्थिति एक जैसी नहीं हैं।
संस्था बताती है कि बिना धुले हाथों से आंख, नाक या मुंह छूने और खाना तैयार करने से कीटाणु फैल सकते हैं। हाथ धोना संक्रमण के फैलाव को रोकने में मदद करने वाली आदत है, किसी व्यक्ति को कभी बीमारी न होने की गारंटी नहीं। केवल साफ दिखते हाथों के आधार पर रोजमर्रा के जरूरी मौकों की सफाई छोड़ना सही निष्कर्ष नहीं होगा।
अगर आपको त्वचा या कोई दूसरी स्वास्थ्य समस्या है, तो अपनी स्थिति के अनुरूप स्वच्छता संबंधी सलाह के लिए योग्य डॉक्टर से परामर्श करें। यह लेख रोजमर्रा में हाथ धोने के बारे में है। अस्पताल में सर्जिकल सफाई या किसी विशेष प्रक्रिया के लिए अलग प्रशिक्षण और संस्थान के निर्देश लागू हो सकते हैं।
यह जानकारी सीडीसी के आधिकारिक हाथ धोने संबंधी पेज से 29 अक्टूबर 2026 को रात 10:02 बजे भारतीय समय पर जांची गई। रोज की दूसरी आदतों के लिए हमारी भोजन के लेबल पढ़ने की गाइड, उम्र के हिसाब से नींद की जानकारी और पैदल चलने का सामान्य मार्गदर्शन पढ़ें।






