एशियाई खेलों में भारतीय महिला हॉकी टीम को 44 साल बाद स्वर्ण, फाइनल में चीन 1-0 से पराजित

भारतीय महिला हॉकी टीम ने 2 अक्टूबर 2026 को जापान में एशियाई खेलों के फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया। 1982 के बाद एशियाई खेलों में टीम का यह पहला सोना है, यानी 44 साल का इंतजार खत्म हुआ। हॉकी इंडिया की मैच रिपोर्ट के मुताबिक जीत के साथ भारत ने लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक का टिकट भी पक्का कर लिया।
फैसला 10वें मिनट में हुआ। कप्तान सलीमा टेटे ने गेंद लेकर आक्रमण शुरू किया और सर्कल के भीतर साक्षी राणा तक पहुंचाई। साक्षी ने गेंद लालरेमसियामी की ओर बढ़ाई और उन्होंने मुश्किल कोण से रिवर्स स्टिक का शॉट सीधे चीनी गोल में डाल दिया। लालरेमसियामी की यह अपने करियर के 200वें अंतरराष्ट्रीय मैच में आई थी। चीन गत चैंपियन और विश्व रैंकिंग में चौथे नंबर की टीम है।
दस खिलाड़ियों के साथ भी टिकी टीम
गोल से ठीक पहले भारत की मुश्किल बढ़ चुकी थी। आठवें मिनट में बलजीत कौर को ग्रीन कार्ड मिला और टीम दो मिनट तक दस खिलाड़ियों से खेली। हॉकी इंडिया के अनुसार पूरे मैच में चीन के पास गेंद ज्यादा रही। पहले क्वार्टर में उसने भारतीय सर्कल में आठ बार प्रवेश किया, भारत ने चार बार। तीन क्वार्टर खत्म होने तक यह आंकड़ा चीन के 21 और भारत के नौ पर पहुंच गया था।
13वें मिनट के आसपास भारत को दूसरा मौका मिला। बलजीत और नवनीत कौर की एक-दो की चाल से दाईं ओर से पेनल्टी कॉर्नर बना, पर नवनीत का सीधा हिट गोल के बगल से निकल गया।
सविता का पेनल्टी स्ट्रोक पर बचाव
दूसरे क्वार्टर में 21वें मिनट पर चीन को पेनल्टी स्ट्रोक मिला। भारत ने वीडियो रेफरल नहीं लिया और गोलपोस्ट में अनुभवी गोलकीपर सविता खड़ी रहीं। उन्होंने बाईं ओर गोता लगाकर शॉट रोक दिया। इससे पहले 19वें मिनट में चीन के पेनल्टी कॉर्नर की चाल को भारतीय स्टिकों ने रोका था और अगले कॉर्नर पर नवनीत ने गोल लाइन पर बचाव किया। 24वें मिनट में शिल्पी डबास ने खतरनाक चीनी मूव को गोल के पास काटा, जबकि सविता नजदीकी पोस्ट संभाले रहीं।
33वें मिनट में चीन को एक और पेनल्टी स्ट्रोक मिला, जब गेंद नवनीत के पैर से लगती दिखी। भारत ने तुरंत रेफरल लिया और समीक्षा में फैसला बदलकर इसे पेनल्टी कॉर्नर कर दिया गया। उस कॉर्नर पर सलीमा टेटे ने फ्लिक को स्टिक से रोका। इसमें उनके दाहिने हाथ में चोट लगी और उन्हें इलाज के लिए बाहर जाना पड़ा। आखिरी क्वार्टर में चीन ने आक्रमण तेज किया और अंतिम तीन मिनट में गोलकीपर लिउ पिंग को हटाकर एक अतिरिक्त खिलाड़ी उतार दिया, लेकिन भारत की रक्षापंक्ति ने बढ़त बचाए रखी।
सेमीफाइनल और प्रधानमंत्री की बधाई
अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) की रिपोर्ट के अनुसार भारत ने सेमीफाइनल में कोरिया को 2-0 से हराया था। दूसरे सेमीफाइनल में चीन ने जापान को शूट-आउट में मात दी। कांस्य पदक मैच जापान ने कोरिया को शूट-आउट में हराकर जीता।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीम को बधाई दी। प्रधानमंत्री कार्यालय की विज्ञप्ति में उनके हवाले से कहा गया है कि यह सफलता खिलाड़ियों के उत्कृष्ट कौशल और टीम भावना का नतीजा है और उनका संकल्प प्रेरणादायक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस जीत से देश में हॉकी की लोकप्रियता बढ़ेगी।
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Pankaj Yadav
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स्रोत और रिपोर्टिंग
हॉकी इंडिया की मैच रिपोर्ट, अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ की रिपोर्ट और प्रधानमंत्री कार्यालय की विज्ञप्ति (पत्र सूचना कार्यालय), 2 अक्टूबर 2026।
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