खान मंत्रालय ने अनंतनाग के दो चूना पत्थर ब्लॉक नीलाम किए, जम्मू-कश्मीर के लिए पहली बार

Pankaj Yadav••5 मिनट
पहाड़ों की तलहटी में चूना पत्थर की खदान, पीली खुदाई मशीन नारंगी डंपर में पत्थर भरती हुई, दाईं ओर हेलमेट और चमकीली जैकेट पहने पांच कामगार खड़े, पीछे बर्फ की धारियों वाली पर्वत शृंखला और हरे जंगल
प्रतीकात्मक चित्र: Dalimss News के लिए तैयार किया गया चित्र, घटना की वास्तविक तस्वीर नहीं।

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के दो चूना पत्थर ब्लॉकों की नीलामी केंद्र की खनिज नीलामी प्रक्रिया के तहत पूरी हो गई है। खान मंत्रालय ने 2 अक्टूबर 2026 की विज्ञप्ति में बताया कि केंद्र शासित प्रदेश के खनिज ब्लॉक इस तरह पहली बार नीलाम हुए हैं। जम्मू-कश्मीर सरकार ने नीलामी का जिम्मा खान मंत्रालय को सौंपा था।

विज्ञप्ति में बोली जीतने वाली कंपनियों के नाम, बोली की रकम या नीलामी की तारीख नहीं दी गई है। मंत्रालय ने सिर्फ ब्लॉकों का ब्योरा और अपेक्षित असर बताया है।

कहां हैं दोनों ब्लॉक

पहला ब्लॉक कूट-कपरान चूना पत्थर ब्लॉक है। यह अनंतनाग जिले की दूरू तहसील के कूट और कपरान गांवों में पड़ता है और 22.43 हेक्टेयर में फैला है। मंत्रालय के अनुसार यहां अनुमानित चूना पत्थर संसाधन 4.75 मिलियन टन है। इस ब्लॉक में खोज जी-4 चरण तक हो चुकी है, जो आगे और विस्तृत अन्वेषण की गुंजाइश छोड़ता है।

दूसरा वंतराग चूना पत्थर ब्लॉक भी अनंतनाग में है। इसका क्षेत्रफल 5.36 हेक्टेयर है, यानी पहले ब्लॉक से काफी छोटा, लेकिन अनुमानित संसाधन 10.853 मिलियन टन बताया गया है। यहां खोज जी-3 चरण तक पहुंची है और इसमें 159 मीटर की ड्रिलिंग भी शामिल है। मंत्रालय के मुताबिक यह आगे के अन्वेषण और विकास के लिए जरूरी भूगर्भीय आधार देती है। दोनों ब्लॉकों के अनुमानित संसाधन जोड़ें तो कुल 15.603 मिलियन टन बैठते हैं और कुल क्षेत्रफल 27.79 हेक्टेयर।

मंत्रालय का दावा: रोजगार और निवेश

मंत्रालय का कहना है कि दोनों चूना पत्थर ब्लॉकों की नीलामी से नया निवेश और आर्थिक गतिविधि आने की उम्मीद है। खनन और उससे जुड़े काम शुरू होने पर बड़ी संख्या में सीधे और परोक्ष रोजगार बनने की बात विज्ञप्ति में कही गई है। स्थानीय कारोबारियों, उद्यमियों, सेवा देने वालों और सहायक उद्योगों के लिए भी मौके खुलने का दावा किया गया है। विज्ञप्ति में रोजगार का कोई आंकड़ा नहीं दिया गया।

मंत्रालय ने इस नीलामी को पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया का नतीजा बताया है। विज्ञप्ति में अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में बुनियादी ढांचे, निवेश और आर्थिक विकास पर बढ़े जोर का जिक्र है और कहा गया है कि यह नीलामी उसी सिलसिले में नया पहलू जोड़ती है। मंत्रालय इसे केंद्र शासित प्रदेश के खनिज संसाधनों के व्यवस्थित अन्वेषण और विकास की शुरुआत कहता है।

आगे क्या

खान मंत्रालय के अनुसार वह जम्मू-कश्मीर सरकार के साथ तालमेल बनाकर प्रदेश के खनिज संसाधनों का पारदर्शी, टिकाऊ और जिम्मेदार विकास सुनिश्चित करने में मदद करता रहेगा। खनन शुरू होने की समयसीमा, पर्यावरण मंजूरी या पट्टा जारी होने के चरणों के बारे में विज्ञप्ति में कुछ नहीं कहा गया है। इन ब्योरों के लिए खान मंत्रालय और जम्मू-कश्मीर सरकार की आगे की घोषणाओं का इंतजार रहेगा।

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स्रोत और रिपोर्टिंग

खान मंत्रालय की विज्ञप्ति, पत्र सूचना कार्यालय, 2 अक्टूबर 2026।

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