भारतीय वायुसेना को नया प्रमुख मिलने वाला है। केंद्र सरकार ने वायुसेना उपप्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को देश का 29वां वायुसेना प्रमुख नियुक्त किया है। वह 31 अक्टूबर 2026 की दोपहर एयर चीफ मार्शल के पद पर कार्यभार संभालेंगे। रक्षा मंत्रालय ने 6 अक्टूबर की शाम इस नियुक्ति की घोषणा की।
मौजूदा वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह उसी दिन, 31 अक्टूबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उन्होंने 30 सितंबर 2024 को यह पद संभाला था। तब भी सरकार ने उस समय के वायुसेना उपप्रमुख को ही अगला प्रमुख चुना था, यानी इस बार भी कमान उपप्रमुख के पद से सीधे शीर्ष पद पर जा रही है।
एयर मार्शल दीक्षित का जन्म 9 दिसंबर 1966 को हुआ। 6 दिसंबर 1986 को उन्हें वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला। कार्यभार संभालने तक उनकी सेवा के करीब 40 साल पूरे होने को होंगे। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक वह एक प्रायोगिक परीक्षण पायलट (एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट) और योग्य उड़ान प्रशिक्षक हैं।
उड़ान के मामले में उनका अनुभव काफी लंबा है। मंत्रालय ने बताया है कि उनके नाम 3,500 घंटे से ज्यादा की उड़ान दर्ज है। इसमें मिराज-2000, मिग के कई संस्करण, जगुआर, स्वदेशी तेजस, आईएल-78 टैंकर विमान और प्रशिक्षण में इस्तेमाल होने वाले किरण और हॉक विमान शामिल हैं। लड़ाकू विमान से लेकर हवा में ईंधन भरने वाले विमान तक, यह सूची अलग अलग भूमिकाओं वाली है।
उपप्रमुख बनने से पहले एयर मार्शल दीक्षित एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय में चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ टू द चेयरमैन, चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (सीआईएससी) रहे। यह पद थल सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच तालमेल से जुड़ा काम देखता है। इससे पहले वह मध्य वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ थे, जिसका मुख्यालय प्रयागराज में है।
इसमें उत्तर प्रदेश का एक सिरा भी जुड़ता है। मौजूदा प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह भी उपप्रमुख बनने से पहले मध्य वायु कमान के ही प्रमुख थे। यानी लगातार दूसरी बार वायुसेना की कमान ऐसे अधिकारी के पास जा रही है जो प्रयागराज वाली इस कमान का नेतृत्व कर चुका है।
अपने करीब चार दशक के सेवाकाल में उन्होंने कई अभियानों और सैन्य अभ्यासों में हिस्सा लिया है। रक्षा मंत्रालय ने इनमें ऑपरेशन सफेद सागर, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन सिंदूर का नाम लिया है। उन्होंने पश्चिमी क्षेत्र में अग्रिम पंक्ति के एक लड़ाकू वायुसेना स्टेशन और दक्षिणी क्षेत्र में लड़ाकू पायलटों के एक प्रमुख प्रशिक्षण स्टेशन की कमान संभाली है।
वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, बांग्लादेश के डिफेंस सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज और राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज के पूर्व छात्र हैं। सेवा के दौरान उन्हें 2006 में वायु सेना मेडल, 2011 में विशिष्ट सेवा मेडल, 2023 में अति विशिष्ट सेवा मेडल और इसी साल 2026 में परम विशिष्ट सेवा मेडल मिला। उनके नाम के साथ लगे पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएम और वीएसएम इन्हीं सम्मानों के संक्षिप्त रूप हैं।
वाराणसी के लोगों के लिए अक्टूबर का महीना वैसे भी वायुसेना से जुड़ा रहने वाला है। नमो घाट पर गंगा के ऊपर वायुसेना का एयर शो 24 से 26 अक्टूबर तक प्रस्तावित है, जिसकी तारीखों, देखने की जगह और पार्किंग की पूरी जानकारी हमने अलग से दी है। मुख्यमंत्री की नमो घाट एयर शो की तैयारियों की समीक्षा भी हो चुकी है। यह कार्यक्रम मौजूदा प्रमुख के कार्यकाल के आखिरी हफ्ते में होगा।
नए प्रमुख 31 अक्टूबर की दोपहर से जिम्मेदारी संभालेंगे। एयर मार्शल दीक्षित के ऊपर जाने से वायुसेना उपप्रमुख का पद खाली होगा, लेकिन उस पर किसकी नियुक्ति होगी, इसकी घोषणा अभी नहीं हुई है। रक्षा मंत्रालय की 6 अक्टूबर की विज्ञप्ति में केवल नए वायुसेना प्रमुख का नाम और उनका सेवा परिचय दिया गया है।








